चीन / सार्वजनिक स्थानों पर पायजामा पहनने वालों को अफसरों ने ऑनलाइन शर्मसार किया, फिर मांगी माफी

Officers embarrassed those wearing pajamas in public places online, then apologized
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Officers embarrassed those wearing pajamas in public places online, then apologized

  • सुझोऊ शहर में अफसरों ने ऐसे सात लोगों की फोटो सार्वजनिक की थी, जो पायजामा पहनकर मार्केट, सड़क और दुकानों पर घूम रहे थे 
  • अफसरों का कहना था कि यह व्यवहार असभ्यता की श्रेणी में आता है, हमें इससे बचना चाहिए 
  • हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों ने अफसरों के उस व्यवहार का विरोध किया और इसे निजता पर हमला बताया 

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2020, 11:53 AM IST

सुझोऊ. चीन के सुझोऊ शहर में अफसरों ने सार्वजनिक जगहों पर पायजामा पहनकर ठहलने और खरीदारी करने वाले लोगों को 'शर्मिंदा करने वाला' और 'असभ्य' बताया था। जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो अफसरों ने माफी मांग ली। दरअसल, पिछले दिनों अफसरों ने ऐसे सात लोगों की फोटो सार्वजनिक की थी, जो पायजामा पहनकर मार्केट, सड़क और दुकानों पर घूम रहे थे। प्रशासन ने इनके नाम, आईडी और फोटो सोशल मीडिया शेयर कर दिए थे। इसके बाद इसका तेज विरोध हुआ। लोगों ने कहा कि यह उनकी निजता पर हमला है। 

'ऑनलाइन शेमिंग' में पायजामा वाली तस्वीरें भी शामिल थी, जिन्हें सर्विलांस कैमरों ने पकड़ा था। इसके अलावा इसमें व्यक्ति का नाम, आईडी कार्ड और दूसरी जानकारियां शामिल थीं। हाल के कुछ सालों में चीन की सर्विलांस टेक्नॉलजी काफी एडवांस हुई है। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, खासतौर पर फेशियल रिकग्निशन टेक्नॉलजी में अरबों डॉलर का निवेश किया है। सुरक्षा के लिहाज से इस टेक्नॉलजी को सार्वजनिक जगहों पर लगाया गया है।

अफसरों ने कहा- हमने प्रतियोगिता के चलते ऐसा किया
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दो साल पहले देश में 17 करोड़ सीसीटीवी कैमरे थे, जबकि 2020 के आखिर तक चीन में 40 करोड़ कैमरे और लगाए जाने की उम्मीद है। इनमें से कई कैमरे आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से लैस हैं। इनमें व्यक्ति की पहचान हो जाती है। सुझोऊ में सोमवार को पब्लिश हुईं फोटो को शहर के मैनेजमेंट ब्यूरों ने रिलीज की थीं। अधिकारियों ने तर्क दिया कि वे एक राष्ट्रीय सभ्य शहर प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे थे। इसलिए ऐसा किया। 

सोशल मीडिया पर लोगों ने आलोचना की 
पायजामा तस्वीरों के सामने आने पर लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर भड़ास निकाली। कुछ लोगों का कहना था कि सार्वजनिक जगहों पर पायजामा पहनने में कुछ भी गलत नहीं है, जबकि कई लोगों का कहना था कि सरकार ने उनकी निजता में हस्तक्षेप किया है। एक यूजर ने लिखा- संदिग्ध अपराधी की भी निजता होती है। अफसर कैसे उनके चेहरे के साथ पूरी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। लोगों ने यह भी कहा कि पायजामा सबसे आरामदायक आउटफिट है। फिर अफसर कपडों से कैसे तय कर सकते हैं कि कोई असभ्य है या नहीं। इसके बाद अफसरों ने कहा कि भविष्य में वे इस तरह की तस्वीरों को ब्लर कर जारी करेंगे। पिछले साल अधिकारियों ने नागरिकों से 'असभ्य व्यवहार' वाली तस्वीरों को जमा कराने को कहा था और इनके सही पाए जाने पर उन्हें 10 युआन (करीब 2 डॉलर) देने का ऑफर भी दिया था।

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