पर्यावरण / ग्रेटा यॉट से न्यूयॉर्क जाकर कार्बन उत्सर्जन रोकेंगी, लेकिन यॉट को वापस लाने में दोगुना बढ़ेगा



पर्यावरण को बचाने वाले आंदोलन का चेहरा बनीं ग्रेटा थनबर्ग। पर्यावरण को बचाने वाले आंदोलन का चेहरा बनीं ग्रेटा थनबर्ग।
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पर्यावरण को बचाने वाले आंदोलन का चेहरा बनीं ग्रेटा थनबर्ग।पर्यावरण को बचाने वाले आंदोलन का चेहरा बनीं ग्रेटा थनबर्ग।

  • पर्यावरण आंदोलन का चेहरा बनीं 16 साल की ग्रेटा यूएन की क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेने यॉट से न्यूयॉर्क जा रही हैं 
  • यॉट को लाने दो लोग विमान से जाएंगे, जिससे दोगुना उत्सर्जन होगा
  • ग्रेटा को इसी साल मार्च में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है

Dainik Bhaskar

Aug 18, 2019, 09:57 AM IST

स्टॉकहोम. पर्यावरण बचाने के लिए दुनियाभर में आंदोलन का चेहरा बनीं 16 साल की ग्रेटा थनबर्ग 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र की क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेंगी। इसके लिए वह विमान के बजाय 60 फीट लंबी यॉट में लंदन से 14 अगस्त को ही रवाना हो चुकी हैं। यॉट में सफर इसलिए, ताकि वह अपने हिस्से का कार्बन उत्सर्जन रोक सके। ग्रेटा एक रेसिंग यॉट मेलिजिया-2 से अटलांटिक होते हुए सफर कर रही हैं। इसी बीच यह खुलासा हुआ है कि ग्रेटा जिस यॉट से जा रही हैं, उसे वापस लाने के लिए दो लोग फ्लाइट से न्यूयॉर्क जाएंगे। यानी ग्रेटा यॉट से सफर कर जितना कार्बन उत्सर्जन रोकेंगी, उनकी यॉट वापस लाने में उससे दोगुना कार्बन उत्सर्जन हो जाएगा।

 

7 सात दिन में 6 हजार किमी का सफर
मेलिजिया टीम के प्रवक्ता ने बताया कि हमें ग्रेटा की न्यूयॉर्क यात्रा के लिए बहुत कम समय मिला था। यही वजह है कि यॉट के चालक दल के दो सदस्यों को अब विमान से न्यूयॉर्क भेजा जाएगा। ग्रेटा को न्यूयॉर्क पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वह 6 हजार किमी की दूरी तय करेंगी। उनके पिता फिल्ममेकर स्वेंत नाथन ग्रॉसमैन भी उनके साथ इस सफर पर हैं। 

Greta

 

मेलिजिया की टीम ग्रेटा को मुफ्त में ले जा रही है
यॉट में सौर पैनल और अंडरवाटर टर्बाइन लगे हुए हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। यॉट टीम के प्रमुख बोरिस हरमैन कहते हैं कि यह यात्रा हम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण है। हरमैन ने पहली बार ग्रेटा को इस साल मार्च में हैम्बर्ग (जर्मनी) में एक प्रदर्शन के दौरान देखा था। उस वक्त हरमैन की गर्लफ्रेंड ने कहा था कि अगर इस लड़की को कभी कहीं जाने की जरूरत हुई तो उसे यॉट से लेकर जाना। मेलिजिया की टीम ग्रेटा को न्यूयॉर्क तक मुफ्त में लेकर जा रही है।

 

ग्रेटा की अपील पर 105 देशों के स्कूली बच्चे हड़ताल पर चले गए थे 
ग्रेटा को इसी साल मार्च में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। दिसंबर में उन्हें नोबेल मिलता है तो इसे पाने वाली वे सबसे युवा होंगी। उनके आंदोलन का नाम 'स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट' है। ग्रेटा हर शनिवार को स्कूल के बाहर हड़ताल करती हैं। इसी साल 15 मार्च को पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके आह्वान पर 105 देशों के स्कूली बच्चे हड़ताल पर चले गए थे। 

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