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बोलने वाली बतख:ऑस्ट्रेलियाई बतख मेटिंग के दौरान इंसानों की तरह बोली- ‘यू ब्लडी फूल’, दरवाजा तेजी से बंद करने की आवाज भी निकाली

14 दिन पहले

आपने कई बार तोते को गाना गाते या इंसानों की तरह बात करते हुए सुना होगा। आइए आज हम आपको मिलाते हैं ऑस्ट्रेलियाई मस्क बतख से जो इंसानों की भाषा सहित कई और दूसरी तरह की आवाज की नकल करती है।

प्रकृति बहुत अद्भुत है और इस बात का सबूत वह लगातार देती रहती है। हाल में ही आई एक रिसर्च में एक ऑस्ट्रेलियाई मस्क बतख को मेटिंग के दौरान इंसानों की तरह 'यू ब्लडी फूल' कहते हुए रिकॉर्ड किया गया है।

लंदन की 'फिलोसॉफिकल ट्रांजैक्शन ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी: बायोलॉजिकल साइंसेज' की एक रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया की राजधानी, कैनबरा के टिडबिनबिला नेचर रिजर्व में एक रिपर नाम के नर मस्क बतख को इंसानी आवाज में बार-बार "यू ब्लडी फूल" कहते हुए रिकॉर्ड किया गया है। यही नहीं यह बतख दरवाजे के बंद होने की आवाज भी निकाल सकता है।

इससे पहले कभी किसी बतख को इंसानी भाषा का नकल करते हुए नहीं सुना गया

नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी के एनिमल बिहेवियर के प्रोफेसर और रिसर्चर कैरेल टेन केट का कहना है, पहले भी बतखों और गीजों की कई प्रजातियों को बंद जगहों में पाला गया है, लेकिन इससे पहले कभी किसी मस्क बतख को इंसानी आवाज की कॉपी करते हुए नहीं सुना गया है।

हालांकि हमिंग बर्ड, यूरोपियन स्टर्लिंग और मैना जैसे कई पक्षियों में इंसानों की भाषा की नकल करने की क्षमता देखी गई है, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मस्क बतख की ये घटना काफी असामान्य है।

केट बताते हैं रिपर को बचपन से ही टिडबिनबिला नेचर रिजर्व में एक ही केयर टेकर द्वारा पाला गया। ऐसा मुमकिन है कि इन शब्दों को केयरटेकर से बार-बार सुना होगा और फिर धीरे-धीरे उसकी नकल करने लगा होगा।

रिकॉर्डिंग ऑस्ट्रेलियाई बतख के मेटिंग को रिकॉर्ड करने के मकसद से की गई थी

रिपर की ये रिकॉर्डिंग साल 1987 में पक्षी विज्ञानी, पीटर जे. फुलागर द्वारा की गई थी। जिसका मकसद मेटिंग के दौरान की ध्वनियों के अलावा शारीरिक गतिविधियों को रिकॉर्ड करना था। केट कहते हैं, "रिकॉर्डिंग में रिपर दरवाजा बंद होने जैसी आवाज की नकल करते हुए पाया गया। इसके अलावा 'यू ब्लडी फूल' को बार-बार दोहरा रहा था। केट के अनुसार लास्ट वर्ड 'फूड' है या 'फूल' ये क्लियर नहीं है। ये सुनने वाले पर निर्भर करता है। पर ये घटना किसी सरप्राइज से कम नहीं है।"

इससे पहले मस्क बतख को पैसिफिक ब्लैक बतख की नकल करते हुए पाया गया
मस्क बतखों में अपने वातावरण की ध्वनियों की नकल करने की क्षमता होती है। साल 2000 में टिडबिनबिला नेचर रिजर्व में ही एक दूसरे नर बतख की रिकॉर्डिंग की गई। रिकॉर्डिंग में नर मस्क बतख, पैसिफिक ब्लैक बतख की नकल करते हुए देखा गया। रिसर्चर्स का कहना है कि इन दोनों घटनाओं से साबित होता है कि मस्क बतख, खास कर के जिन्हें किसी एक ही जगह पर पाला गया हो, वे अपने आस -पास की ध्वनियों की नकल करने की क्षमता रखते हैं।

आपको बता दें कुछ दिनों पहले सिडनी की तारोंगा जू में एक पक्षी को न्यूबॉर्न बेबी के रोने जैसी आवाज निकालते हुए सुना गया था। ये आवाज जू में काम करने वाले लोगों ने रिकॉर्ड की थी। उनके अनुसार ये आवाज सुपर्ब लायरबर्ड की थी जो अपने आस -पास के वातावरण से सीखने और दूसरों की नकल करने में माहिर होती है।

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