इंटरेस्टिंग / शारापोवा को हराने वाली बार्टी ने 5 साल पहले क्रिकेट भी खेला ताकि मानसिक मजबूती मिले

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2019, 07:33 AM IST



Five years ago, Ashleigh Barty become a cricketer aside Tennis, to be mentally tough
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  • कहा था- क्रिकेट में आप कभी अकेले नहीं होते, संकट के समय 10 और लोग साथ होते हैं
  • 2015-16 में वुमन्स बिग बैश लीग में ब्रिसबेन हीट की ओर से खेली भी थीं
  • 18 महीने बाद टेनिस खेलना शुरू किया, अब वर्ल्ड रैंकिंग में 15वें नंबर पर

खेल डेस्क. एश्ले बार्टी ऑस्ट्रेलियन ओपन में वुमन्स सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं हैं। 15वीं वरीयता प्राप्त इस खिलाड़ी ने पूर्व चैम्पियन मारिया शारापोवा को हराकर आखिरी-8 में जगह बनाई। आज वे जिस मुकाम पर हैं उसमें क्रिकेट का भी अहम योगदान है। 22 साल की बार्टी खुद को मानसिक तौर पर मजबूत करने के लिए पांच साल पहले टेनिस छोड़कर क्रिकेटर बन गईं थीं। तब उन्हें टेनिस खेलना, देखना और यहां तक कि इस खेल के बारे में बात करना तक पसंद नहीं था।

 

टेनिस का पर्याप्त आनंद नहीं ले पा रही थी : बार्टी
बार्टी ने सितंबर 2014 में यूएस ओपन के पहले दौर में बाहर होने के बाद पेशेवर टेनिस से ब्रेक लेने का ऐलान किया था। तब उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई थी। हालांकि, बाद में कहा, ‘‘मुझे मानसिक तौर पर अधिक मजबूत होने के लिए कुछ समय चाहिए था। यह (टेनिस) मेरे लिए थोड़ा कठिन हो गया था। मैं इसका उतना आनंद नहीं ले रही थी, जितना मुझे पसंद था। मैं कम उम्र में ही ज्यादा टेनिस खेल चुकी थी। मैं टीनएज लड़की के तौर पर अपने जीवन का आनंद और कुछ सामान्य अनुभव लेना चाहती थी।’’

 

2011 में जीता था विम्बलडन जूनियर गर्ल्स का खिताब
24 अप्रैल 1996 को क्वींसलैंड में जन्मी बार्टी ने चार साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया और 2011 में विम्बलडन में जूनियर गर्ल्स का खिताब जीता। 2014 में जब उन्होंने ब्रेक लिया था तब उनकी वुमन्स सिंगल्स में रैंकिंग 216 और डबल्स में 40 थी। बार्टी ने कहा, ‘‘क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसमें आप जब संघर्ष कर रहे होते हैं तो खुद को अकेला नहीं पाते हैं। इसमें 10 और लड़कियां होती हैं जो कठिन समय में आपकी मदद कर सकती हैं। वे आपको उस मुश्किल दौर से वापस ला सकती हैं।’’

 

एंडी रिचर्ड्स ने पहली नजर में उनकी क्रिकेट स्किल पहचानी
बार्टी ने 2015 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम से मुलाकात की और क्रिकेटर बनने का फैसला किया। वे क्वींसलैंड फायर के तत्कालीन कोच एंडी रिचर्ड्स से मिलीं। रिचर्ड्स बार्टी के स्पोर्ट्स स्किल से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने बार्टी को ट्रेनिंग देने शुरू की। रिचर्ड्स के मुताबिक, बार्टी ने पहली बार जिस तरह बल्ला उठाया था, वह शानदार था। इसके बाद बार्टी ने वेस्टर्न सबर्ब्स के लिए 13 मैच खेले। उन्होंने एक शतक लगाया और 42.4 की औसत से आठ विकेट लिए। वेस्टर्न सबर्ब्स ने लीग का फाइनल जीता।

 

पहले मैच में 27 गेंद में 39 रन बनाए थे
बार्टी ने फाइनल में 39 गेंद में 37 रन बनाए और अपने टीम की टॉप स्कोरर रहीं। उसी साल ऑस्ट्रेलिया में वुमन्स बिग बैश लीग शुरू हुई और ब्रिसबेन हीट ने बार्टी के साथ करार किया। दिसंबर में लीग शुरू हुई तो बार्टी ने मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ अपने पहले ही मैच में 27 गेंदों में एक छक्के के साथ 39 रन बनाए। यह उनकी टीम का दूसरा बड़ा स्कोर था।

 

2016 में टेनिस में वापसी की, 2017 में 17वीं रैंक हासिल की
डब्ल्यूबीबीएल खत्म होने के कुछ सप्ताह बाद ही उन्होंने फरवरी 2016 में पेशेवर टेनिस में वापसी का ऐलान किया। शुरुआत में उन्होंने सिर्फ डबल्स इवेंट में ही हिस्सा लिया। मई 2016 से सिंगल्स भी खेलने लगीं। 2106 के आखिर में उनकी सिंगल्स में वर्ल्ड रैंकिंग 325 और डबल्स में 261 थी। हालांकि, 2017 का समापन उन्होंने सिंगल्स में 17 और डबल्स में 11 रैंकिंग से किया। पिछले साल के आखिर में उनकी सिंगल्स में 15 और डबल्स में सात रैंकिंग थी। बार्टी पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं। वे पिछले 10 साल में इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई हैं। 

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