• Hindi News
  • Interesting
  • For Sick Indian student in China, Gujarati students write blog to raise 22 lakh rupees for treatment

मदद / चीन में भारतीय छात्र बीमार, गुजराती छात्रों ने ब्लॉग लिख इलाज के लिए जुटाए 22 लाख रुपए

टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती भारतीय छात्र युग पटेल। टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती भारतीय छात्र युग पटेल।
X
टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती भारतीय छात्र युग पटेल।टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती भारतीय छात्र युग पटेल।

  • गुजरात के साबरकांठा का रहने वाला 18 साल का युग पटेल हॉस्टल में गिर गया था, इससे उसे ब्रेनहैमरेज हो गया
  • युग पटेल चीन के नानजिंग से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है, अभी वह टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती है

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2019, 11:27 AM IST

साबरकांठा(जतिन सुथार). चीन के नानजिंग से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा गुजरात का 18 साल का छात्र युग पटेल 23 नवंबर को दोस्तों के साथ बातचीत के दौरान बेहोश होकर गिर गया। मेडिकल टेस्ट में पता चला कि उसे ब्रेन हैमरेज हुआ है। भारतीय छात्रों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही गुजरात में युग के परिजन को जानकारी दी। इस बीच भारतीय छात्रों ने आर्थिक मदद के लिए ब्लॉग लिखा। इसके जरिए उन्होंने करीब 22 लाख रुपए जुटाए।

युग नानजिंग के टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती है। युग साबरकांठा का रहने वाला है। वह 2018 में पढ़ाई के लिए चीन गया था। उसके पिता रमेशभाई एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं।

पीएमओ से मदद मांगी ताकि माता-पिता को मिले पासपोर्ट
युग नानजिंग के टेकोग जियनलिन ड्रम टावर अस्पताल में भर्ती है। यहां हर दिन 10 हजार युआन (करीब 1.10 लाख रुपए) खर्च हो रहे हैं। अब तक 33 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। युग की मां हेमलता बेन और पिता रमेश और भाई यज्ञ के पास पासपोर्ट नहीं है। उन्हें जल्द से जल्द चीन पहुंचने में मदद करने के लिए पीएमओ से मदद मांगी गई है। पासपोर्ट तैयार होने पर उन्हें चीन भेजा जाएगा।

रक्तस्राव बंद नहीं हुआ तो दूसरी बार हुआ ऑपरेशन
भारतीय छात्रों ने बताया कि ब्रेन हैमरेज के चलते खून का थक्का जम गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, इन केनियल प्रेशर (आईसीपी) कंट्रोल न होने के चलते दो दिनों तक रक्तस्राव बंद नहीं हुआ, इसलिए युग का दूसरी बार ऑपरेशन करना पड़ा। उसकी हालत स्थिर है। भारतीय छात्रों ने बताया कि ब्रेन हैमरेज के चलते खून का थक्का जम गया है। रक्तस्राव न रुकने पर इलाज के लिए युग के पिता रमेशभाई से मंजूरी लेकर ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, इन केनियल प्रेशर (आईसीपी) कंट्रोल न होने के चलते दो दिनों तक रक्तस्राव बंद नहीं हुआ, इसलिए युग का दूसरी बार ऑपरेशन करना पड़ा। उसकी हालत स्थिर है।

DBApp
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना