छग / नर्सरी में बांस के दोने में तैयार होंगे पौधे, वन विभाग ने प्लास्टिक को किया बैन



Forest department banned plastic in Chhattisgarh
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Forest department banned plastic in Chhattisgarh

  • प्रदेश में हर साल सात करोड़ से ज्यादा पौधे प्लास्टिक के छोटे-छोटे बैग में लगाए जाते हैं
  • नए प्रयोग से वन विभाग का करीब 25 करोड़ की प्लास्टिक खरीदी का खर्च बचेगा

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2019, 11:24 AM IST

रायपुर. वन विभाग की नर्सरी में अब पौधे बांस के दोने और कपड़े की छोटी-छोटी थैलियों में तैयार किए जाएंगे। दरअसल, विभाग ने प्लास्टिक को बैन करते हुए उसकी जगह बांस के दोने और थैली का उपयोग करने का फैसला किया गया है। शासन से इसकी मंजूरी भी मिल गई है।

 

इस साल से पौधे प्लास्टिक के छोटे-छोटे बैग की जगह उसी साइज के दोने और थैली में तैयार किए जाएंगे। इससे वन विभाग का करीब 25 करोड़ की प्लास्टिक खरीदी का खर्च बचेगा। इसके साथ ही महिला स्वसहायता समूह के 25 हजार से ज्यादा को रोजगार भी मिलेगा। राजधानी सहित राज्य के अलग-अलग शहरों में 15 प्रसंस्करण केंद्र हैं। महिला समूह भी इसी से जुड़ा है।

 

25 करोड़ से ज्यादा के प्लास्टिक बैग खरीदते थे
शासन से इसकी मंजूरी मिलने के बाद बांस प्रसंस्करण केंद्र में दोने बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। थैली के लिए कपड़े खरीदी की प्रक्रिया भी कागजों में शुरू हो चुकी है। दोने व थैली का आकार नर्सरी में अब तक उपयोग किए जा रहे प्लास्टिक बैग के अनुसार ही तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों ने बताया हर साल पौधों को तैयार करने 25 करोड़ से ज्यादा के प्लास्टिक बैग खरीदे जाते थे।

 

सबसे बड़ा फायदा रोजगार बढ़ेगा

बांस के दोने बनाने में प्लािस्टक बैग की तुलना में करीब 35 फीसदी कम खर्च होगा। विभाग के पास बांस की कमी नहीं है। दोना बनाने में उसी का उपयोग किया जाएगा। थैली के लिए कपड़े खरीदकर महिला समूह को दिया जाएगा। वे अपने स्वसहायता केंद्र में थैली तैयारी नर्सरी में सप्लाई करेंगी। अफसरों के अनुसार इसका सबसे बड़ा फायदा रोजगार के अवसर के रूप में आएगा।

 

पर्यावरण के लिए बड़ा कदम
प्लास्टिक बैग की जगह बांस व थैली का उपयोग होने से पर्यावरण की सुरक्षा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। अफसरों के अनुसार प्लास्टिक के बैग का कोई विकल्प तलाशा नहीं गया था। इस वजह से मजबूरी में उसी का उपयोग हो रहा था। अब पहली बार उसे हटाकर दूसरे विकल्प को उपयोग में लाए जाने की तैयारी है। इससे पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी।


थैली के लिए टेंडर जारी
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया, वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने थैली के टेंडर जारी करने के साथ ही महिला समूहों का प्रशिक्षण शुरू करने को कहा है। अभी हमारे पास 15 सेंटर हैं। बांस के दोने का उपयोग बढ़ने पर और दूसरे शहरों में भी बांस प्रसंस्करण केंद्र खोले जाएंगे। सेंटर खुलने से भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

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