अमेरिका / स्कूल की दीवारों पर बनीं 83 साल पुरानी विवादास्पद पेंटिंग्स को हटाया जाएगा, 6 करोड़ रु. खर्च होंगे



जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल की दीवार पर बनी पेंटिंग। जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल की दीवार पर बनी पेंटिंग।
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जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल की दीवार पर बनी पेंटिंग।जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल की दीवार पर बनी पेंटिंग।

  • जॉर्ज वॉशिंगटन हाई स्कूल के बोर्ड ने 1936 में बनी विवादित पेंटिंग को हटाने का फैसला किया
  • पेंटिंग्स में अमेरिका के गुलामी के दौर को दर्शाया गया
  • स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इनसे बच्चों पर गलत असर पड़ रहा, कला प्रेमी बोले - इन्हें नष्ट नहीं करना चाहिए

Jul 09, 2019, 08:26 PM IST

सैन फ्रांसिस्को. अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल ने दीवारों से 83 साल पुरानी विवादास्पद 13 पेंटिंग्स हटाने का फैसला किया है। इनमें अमेरिका की गुलामी के दौर को दर्शाया गया है। एक पेंटिंग में एक अमेरिकन जमीन पर मृत पड़ा है। उनके पास से कुछ श्वेत मार्च पास करते हुए निकल रह रहे हैं। साथ ही इसमें कुछ दासों को दिखाया गया है। इन चित्रों की श्रृंखला को हटाने में 6 करोड़ से ज्यादा खर्च आएगा।

चित्रों को रूसी कलाकार ने बनाया था

  1. जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल में इन चित्रों को रूसी मूल के विख्यात कलाकार और कम्युनिस्ट विक्टर अरनौट ने 1936 में बनाया था। इन्हें स्कूल की लॉबी और सीढ़ियों पर बनाया गया था। इन चित्रों की तादाद करीब 13 है। पिछले कुछ सालों से इन्हें स्कूल से हटाने की मांग उठ रही थी। कुछ लोग इसके पक्ष में तो कुछ इसे ऐतिहासिक कहकर न हटाने की अपील कर रहे हैं।

     

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  2. हाल ही में स्कूल के बोर्ड ने इन्हें हटाने का फैसला लिया। इसके बाद अप्रैल से यहां की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। पिछले पांच दशकों से स्कूल के स्टूडेंट्स भी इन्हें लेकर आपत्ति जताते रहे हैं। सैन फ्रांसिस्को स्कूल और अमेरिकी जिला शिक्षा कार्यक्रम के समन्वयक पालो फ्लोरेस के मुताबिक, ‘‘किसी को भी यह बताने का हक नहीं है कि हम अमेरिका मूल के हैं। हमारे युवा हर रोज स्कूल के हॉल, सीढ़ियों और लॉबी में घूमते हैं। उन्हें कैसा महसूस होता है।"

    • स्कूल बोर्ड के फैसले की खबरें मीडिया में आने के बाद 139 कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अकादमिक हस्तियों ने बोर्ड के नाम खुला खत लिखकर इन्हें नष्ट न करने की अपील की है। हालांकि, अपील करने वालों ने इन्हें स्कूल की बजाए दूसरे जगह ले जाने की बात कही है।
    • जॉर्ज वॉशिंगटन स्कूल के बोर्ड का कहना है कि सभी सदस्यों ने इन चित्रों को डिजिटल फॉर्म में सहेजने का फैसला किया है।

  3. स्कूल बोर्ड उपाध्यक्ष और तृतीय श्रेणी वर्ग के शिक्षक मार्क सांचेज ने बताया कि स्कूल में 2000 छात्र हैं। सभी अलग-अलग इलाकों से हैं। जिनके रंग से लेकर भाषा में भी फर्क है। ऐसे में उनके लिए चित्र गलत संदेश देते हैं

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