फ्रांस / स्कीइंग के लिए बर्फ नहीं थी, दो दिन में हेलिकॉप्टर से 50 टन मंगाई; एक ट्रिप पर 6 लाख रुपए खर्च किए

फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं। फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं।
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फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं।फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं।

  • चर्चित स्की रिजॉर्ट लुचोन-सुपरबैगनर्स की ढलानों पर स्कीइंग के लिए पर्याप्त बर्फ नहीं थी, यह बंद होने की कगार पर था
  • स्थानीय परिषद के प्रमुख हेरेव पुनाउ ने बताया कि हर साल सैकड़ों पर्यटक यहां पर स्कीइंग के लिए आते हैं,  हम उन्हें निराश नहीं करना चाहते थे

दैनिक भास्कर

Feb 18, 2020, 09:48 AM IST

पेरिस. फ्रांस के पायरेनी में चर्चित स्की रिजॉर्ट लुचोन-सुपरबैगनर्स में ढलानों पर स्कीइंग के लिए पर्याप्त बर्फ नहीं थी। इससे रिजॉर्ट के बंद होने की स्थिति बन गई थी। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय परिषद ने हेलिकॉप्टर से बर्फ लाने का फैसला किया। दो दिनों में हेलिकॉप्टर के जरिए 50 टन से ज्यादा बर्फ लाई गई। एक ट्रिप पर करीब 6 लाख रुपए खर्च हुए हैं।

परिषद के प्रमुख हेरेव पुनाउ ने बताया कि पूरे यूरोप से हर साल सैकड़ों पर्यटक यहां पर स्कीइंग के लिए आते हैं। हम उन्हें निराश नहीं करना चाहते थे। इसलिए यह फैसला लिया।

फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं।

फ्रांस में फरवरी-मार्च में स्कूलों की छुट्‌टी रहती है, इसलिए भी रिजॉर्ट के लिए यह व्यस्ततम समय होता है। हेरेव के मुताबिक इससे करीब 100 लोगों को रोजगार भी मिलता है। इनमें स्की स्कूल टीचर, लिफ्ट ऑपरेटर और हेल्पर जैसे लोग शामिल हैं। फ्रांस के कई रिजॉर्ट इसी तरह की दिक्कतों से बंद होने की कगार पर हैं।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा, हम क्लाइमेट चेंज से लड़ने के बजाय समस्या को बड़ा कर रहे हैं।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा- यह फैसला और भी गलत
हेलिकॉप्टर से बर्फ लाने के फैसले को पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गलत ठहराया है। उनका तर्क था कि हम क्लाइमेट चेंज से लड़ने के बजाय समस्या को बड़ा कर रहे हैं। बर्फ लाने में भी तो खासी ऊर्जा खर्च हुई है। इस पर परिषद के प्रमुख हेरेव का कहना है कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं था।

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