जापान / लोगों की जिंदगी के निजी पल रिकॉर्ड करेगी आईटी कंपनी, 1.3 लाख रुपए देगी

IT company to record personal moments of people's lives, will pay 1.3 lakh rupees
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IT company to record personal moments of people's lives, will pay 1.3 lakh rupees

  • प्लाज्मा कंपनी के प्रोजेक्ट एक्सोग्राफ के लिए रियलिटी शोज की तरह घर के हर कोने में लगेंगे कैमरे
  • एक महीने की रिकॉर्डिंग बड़े काम आ सकती है, एडिट कर डेटा कंपनियों को भेजा जाएगा

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2019, 07:26 AM IST

टोक्यो. स्मार्टफोन के चलते हम सभी का ऑनलाइन डेटा तो कई कंपनियां शेयर करती हैं, लेकिन जापान की एक आईटी कंपनी लोगों की निजी जिंदगी के पल रिकॉर्ड करना चाहती है, इसके लिए वह लोगों को 1.3 लाख (1830 डॉलर) रुपए की रकम अदा करेगी। कंपनी का मानना है कि यह डेटा कई चीजों में उनके काम आ सकेगा। बस इसके लिए लोगों को एक महीने तक अपने घरों में कैमरे लगाने होंगे ताकि उनकी हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सके। 

कैमरे घर के सभी कमरों, बेडरूम और किचन समेत हर कोने में लगाए जाएंगे, बिल्कुल रियलिटी शो बिग बॉस की तरह। बस इसमें आदेश देने वाला कोई बॉस नहीं होगा और आप नॉर्मल तरीके से रहेंगे और रिकॉर्डिंग होती जाएगी।

500 लोग साइन कर चुके हैं
एक महीने की रिकॉर्डिंग के बाद उसे एडिट करके कई कंपनियों को भेजा जाएगा जो इसका इस्तेमाल अपने तरीके से मार्केटिंग, एडवरटाइजिंग और अलग क्षेत्रों में कर सकेंगी। इन वीडियोज की सबसे खास बात यह होगी कि इन्हें इस तरह एडिट किया जाएगा कि यह पहचानना मुश्किल होगा कि वीडियो असल में किन लोगों का है। प्लाज्मा कंपनी के इस प्रोजेक्ट का नाम एक्सोग्राफ है और इसे 500 लोग साइन कर चुके हैं। 

लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों के इलाज में काम आएगा डेटा
कंपनी के सीईओ हिरोकी इनो ने बताया, एक्सोग्राफ प्रोजेक्ट से हम जान सकते हैं कि नहाने के बाद लोग क्या करते हैं, टीवी किस तरह देखते हैं, किचन में काम करते वक्त उनके हाव-भाव कैसे रहते हैं, दुख-सुख के समय उनकी प्रतिक्रियाएं कैसी होती हैं। आजकल लोग सर्च इंजन में जो जानकारी डालते हैं, उस पर तो वैसे ही नजर रखी जाती है, मगर इस तरह डेटा इकट्‌ठा करने की यह पहली कोशिश है। हमें यकीन है कि इसका इस्तेमाल कई जगह कर सकते हैं, जिससे लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों के इलाज से लेकर नई दवाओं का निर्माण भी हो पाएगा।

1220 डॉलर की जगह 1830 की रकम बढ़ाई
प्लाज्मा इस प्रोजेक्ट के लिए पहले एक व्यक्ति को 1220 डॉलर (87 हजार रुपए) दे रही थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1830 डॉलर प्रति व्यक्ति (एक लाख 30 हजार रुपए) कर दिया गया। दरअसल, कंपनी के प्रोजेक्ट की यह कहकर आलोचना हुई थी कि वह गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ रही है ताकि प्रोजेक्ट सफल हो सके। इसके बाद उसने हर व्यक्ति को दी जाने वाली रकम में बढ़ोत्तरी कर दी। 

रुपयों के लिए लोग निजी बेचने को तैयार
हिरोकी इस बारे में कहते हैं, आने वाले समय में अगर रोबोट सफल रहते हैं तो लोगों के पास काम की कमी होगी, ऐसे में इस तरह वे पैसे कमा सकते हैं। हमारे प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों में से 40 फीसदी ने माना है कि वे पैसों के लिए एक महीने तक कैमरों के जरिए अपनी निजी जिंदगी के लम्हे हमें देने को तैयार हुए हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो समाज के लिए कुछ करने के इच्छुक हैं, इसलिए निजी डेटा देना चाहते हैं। वजह चाहे कुछ भी हो लेकिन इसकी अहमियत आसानी से समझी जा सकती है।

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