रिसर्च / 350 मरीजों पर शोध, दिन में 30 मिनट पसंदीदा संगीत सुनना दिल के लिए फायदेमंद होता है

बेलग्रेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रिड्रैग मित्रोविक ने बताया कि 350 मरीजों को रिसर्च में शामिल किया गया। बेलग्रेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रिड्रैग मित्रोविक ने बताया कि 350 मरीजों को रिसर्च में शामिल किया गया।
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बेलग्रेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रिड्रैग मित्रोविक ने बताया कि 350 मरीजों को रिसर्च में शामिल किया गया।बेलग्रेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रिड्रैग मित्रोविक ने बताया कि 350 मरीजों को रिसर्च में शामिल किया गया।

  • सर्बिया के वैज्ञानिकों ने हार्ट अटैक के मरीजों पर किए शोध के निष्कर्ष में कहा- संगीत सुनने से बॉडी पर पॉजीटिव इफेक्ट होता है 
  • अध्ययन सात साल तक चला जिसमें हमें जाना कि म्यूजिक थेरेपी सामान्य चिकित्सीय परीक्षण से ज्यादा प्रभावशाली थी

दैनिक भास्कर

Mar 21, 2020, 09:48 AM IST

लंदन. दिन में आधा घंटा संगीत सुनना आपके दिल के लिए फायदेमंद होता है। सर्बिया के वैज्ञानिकों का दावा है, संगीत न सिर्फ तनाव और परेशानी दूर करता है बल्कि इससे दर्द में भी राहत मिलती है। वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि हार्ट अटैक के बाद सीने में दर्द महसूस करने वाले लोगों में रूटीन दवा लेने के साथ संगीत सुनने पर दर्द में कमी महसूस की गई। हार्ट अटैक के बाद छाती में दर्द होने की स्थिति को अर्ली पोस्ट-इंफार्कशन एंजिना कहते हैं। बेलग्रेद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर प्रिड्रैग मित्रोविक ने बताया, हार्ट अटैक के 350 मरीजों पर हुए अध्ययन के आधार पर हम कह सकते हैं म्यूजिक थेरेपी हार्ट अटैक के सभी मरीजों के लिए मददगार है।

यह अध्ययन सात साल तक चला जिसमें हमें जाना कि म्यूजिक थेरेपी सामान्य चिकित्सीय परीक्षण से ज्यादा प्रभावशाली थी। इन मरीजों में हार्ट फेलियर का खतरा 18 फीसदी और दोबारा हार्ट अटैक होने का खतरा 23 फीसदी कम था। यह रिसर्च अमेरिकी कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी के एनुअल साइंटिफिक और वर्ल्ड कॉग्रेड ऑफ कार्डियोलॉजी के संयुक्त सत्र में 28 से 30 मार्च के बीच प्रकाशित किया गया।  

म्यूजिक थेरेपी से दोबारा हार्ट अटैक का खतरा भी  कम होता है
प्रोफेसर मित्रोविक ने कहा, अध्ययन के दौरान आधे मरीज प्रतिभागियों को नॉर्मल ट्रीटमेंट दिया गया और बाकी को नॉर्मल ट्रीटमैंट के साथ ही रोज आधा घंटा म्यूजिक सुनने को कहा गया। सबसे पहले म्यूजिक सुनने वाले प्रतिभागियों को हमने 30-30 सेकंड की 9 क्लिपिंग सुनाई ताकि हम जान सकें कि उन्हें किस संगीत ने आकर्षित किया और उनकी बॉडी पर कौन सी धुनें सुनकर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। 

एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोध में भी दावा किया गया था
इससे पहले ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में भी कहा गया था कि स्ट्रोक का सामना करने वाले पीड़ितों पर म्यूजिक थेरेपी का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा था कि म्यूजिक थेरेपी में की-बोर्ड, ड्रम और हाथ से बजने वाले वाद्य यंत्रों को शामिल किए जाने से स्ट्रोक रोगियों को हाथों और अंगुलियों को दुरुस्त करने में मदद मिल सकती है और उनका मूड भी बेहतर होता है जो कि स्ट्रोक रोगियों में आम होता है।

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