अंधविश्वास / पुरुषों ने नहीं उठाया प्रसूता का शव, महिलाओं ने कंधा देकर गांव के बाहर दफनाया



प्रसूता का शव ले जातीं महिलाएं। प्रसूता का शव ले जातीं महिलाएं।
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प्रसूता का शव ले जातीं महिलाएं।प्रसूता का शव ले जातीं महिलाएं।

  • छत्तीसगढ़ में कांकेर के तुमसनार गांव में 15 अक्टूबर की रात महिला की मौत हो गई थी
  • प्रसूता भूत बन जाती है ऐसा मानकर पुरुष अंतिम संस्कार के लिए शव को हाथ नहीं लगाते, न गांव के बाहर दफनाते

Dainik Bhaskar

Oct 20, 2019, 09:19 AM IST

कांकेर. छत्तीसगढ़ में कांकेर के तुमसनार गांव में अंधविश्वास के कारण पुरुषों ने प्रसूता का शव दफनाने से इनकार कर दिया। यही नहीं उन्होंने शव को कंधा भी नहीं दिया। इसके बाद महिलाओं ने ही अंतिम यात्रा निकाली और शव गांव के बाहर जंगल में दफनाया। यहां ऐसा अंधविश्वास है कि किसी प्रसूता का शव गांव में दफनाने से वह भूत बन जाती है। प्रसूता के शव को शादीशुदा पुरुष हाथ भी नहीं लगाते। 

 

तुमसनार की सुकमोतीन कांगे (32) ने राजस्थान के पंकज चौधरी (30) से 2016 में शादी की थी। सुकमोतीन मां बनने वाली थी, उसे प्रसव के लिए जिला अस्पताल लाया गया। 15 अक्टूबर की रात 2.30 बजे उसने बच्चे को जन्म दिया, शिशु की आधे घंटे बाद ही मौत हो गई। सुकमोतीन को जब इस बारे में पता लगा तो सदमे से उसने भी दम तोड़ दिया।

 

एक एनजीओ से जुड़ी थी महिला
मृतका एनजीओ से जुड़ी थी। इसी सिलसिले में वह कुछ समय जशपुर और राजस्थान गई थी। राजस्थान में पंकज चौधरी नामक युवक से उसकी दोस्ती हो गई और विवाह कर लिया। वर्तमान में दोनों साथ ही गांव में रहते थे।


ग्रामीणों को जागरूक करेंगे
अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा, महिला का अंतिम संस्कार नहीं करने देना गलत है। यह साबित हो चुका है कि भूत-प्रेत का कोई अस्तित्व नहीं है। समिति गांव जाएगी। अंधविश्वास हटाने के लिए लोंगों को जागरूक करेगी।  

 

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