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उपलब्धि / ब्रिटेन के ऐश डाइक्स साढ़े छह हजार किमी लंबी यांगत्जे नदी का सफर करने वाले पहले व्यक्ति बने



Mission Yangtze: Ash Dykes, 6,500 km 352 days; Adventurer Ash Dykes Walk the entire length of the Yangtze River
Mission Yangtze: Ash Dykes, 6,500 km 352 days; Adventurer Ash Dykes Walk the entire length of the Yangtze River
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Mission Yangtze: Ash Dykes, 6,500 km 352 days; Adventurer Ash Dykes Walk the entire length of the Yangtze River
Mission Yangtze: Ash Dykes, 6,500 km 352 days; Adventurer Ash Dykes Walk the entire length of the Yangtze River

  • चीन के 11 प्रांतों से गुजरती है यांगत्जे नदी, एक साल के सफर में नदी की ट्रैकिंग के दौरान कई तरह की मुश्किलें आईं
  • इस सफर पर निकलने से पहले ऐश ने दो साल तक इसकी ट्रेनिंग ली, मेंडरियन भाषा भी सीखी
     

Dainik Bhaskar

Aug 14, 2019, 01:29 PM IST

लंदन.  ब्रिटेन के ऐश डाइक्स दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी यांगत्जे का चार हजार मील का सफर करने वाले पहले इंसान बन गए हैं। 28 साल के ऐश ने एक साल के दौरान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान का सामना करते हुए सोमवार को ट्रैकिंग पूरी की। इस दौरान उन्हें भेड़ियों, भालू और जंगली कुत्तों का सामना करना पड़ा। तिब्बत के पठारों से निकलने वाली यांगत्जे चीन के 11 प्रांतों से गुजरते हुए पूर्वी चीन के समुद्र में मिलती है।

 

ऐश का यांगत्जे को नापने का यह सफर इतना आसान नहीं था, क्योंकि कुछ ही हफ्तों के बाद उनका सामना कुछ ही घंटे पहले एक महिला की जान लेने वाले भेड़ियों से हुआ, लेकिन उन्होंने हर मुश्किल परिस्थिति का सामना किया। इस सफर पर निकलने से पहले ऐश ने दो साल तक इसकी ट्रेनिंग ली। इस दौरान न सिर्फ मेंडरियन भाषा सीखी बल्कि चीन के नक्शे पर सभी रास्तों को जाना। 

 

दो साल में बनाई योजना 

 

  • शंघाई में फिनिश लाइन पूरी करते ही ऐश ने कहा कि यह सच में अविश्वसनीय है और मुझे इस पर यकीन ही नहीं हो रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि मुझे इसकी योजना बनाने में ही दो साल लग गए थे। पूरा एक साल इस सफर को तय करने में लगा, लेकिन यह वाकई बेहद खास पल है। इसने इतिहास बनाया है। 
  • मेरे लिए सबसे मुश्किल चैलेंज नदी के स्रोत पर पहुंचना था जो माउंट एवरेस्ट के बेसकैंप की ऊंचाई जितना तो है ही। वहां पहुंचने को लेकर मैं खुद परेशान हो गया था क्योंकि जितना मुश्किल मैंने इसे समझा था, उससे भी कहीं ज्यादा मुश्किल था। मेरी टीम के चार लोगों ने तो सफर शुरू होने से पहले ही इसे छोड़ दिया था। मेरे सफर में ऐसे कई मौके आए जब मैं सोचता था कि आखिर ऐसी क्या मुसीबत थी जो मैंने इतनी लंबी नदी को नापने का सोचा।
  • मेरा सफर चैलेजिंग तो था ही लेकिन कल्चरल भी क्योंकि इस दौरान चाइनीज संस्कृति के बारे में काफी कुछ जानने का मौका मिला। ऐश अब चाइनीज मीडिया में जाना-पहचाना चेहरा बन चुके हैं और देश भर में उनके बिलबोर्ड लगे हैं। 

चीन में 10 लाख लोग फॉलो करते हैं 
उन्हें सोशल मीडिया पर 10 लाख से ज्यादा लोग चीन में ही फॉलो करते हैं। उन्होंने अपनी इस लोकप्रियता का इस्तेमाल लोगों को पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान के प्रति जागरुक करने के लिए शुरू किया है। वह वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर और ग्रीन डेवेल्पमेंट फाउंडेशन के साथ काम कर रहैं हैं। इस बारे में वह कहते हैं, इस एक साल की ट्रैकिंग के दौरान मेरी नॉलेज काफी बढ़ी है और मैं अलग-अलग समुदायों के लोगों की समस्याओं को समझने लग गया हूं। लोगों से मिलने के दौरान मैंने जाना कि उन्हें भी पानी के स्रोतों को होने वाले नुकसान की जानकारी है और वे भी इसके लिए काफी कुछ कर रहे हैं।

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