• Hindi News
  • Interesting
  • Anand district development officer Amit Prakash Yadav and his wife Additional Chief Judicial Magistrate Chitra Ratnu

गुजरात / 'मही' को जन्म देते ही मां की हुई मौत, मासूम को मजिस्ट्रेट माता और डीडीओ पिता ने लिया गोद



बच्ची और बेटे के साथ आणंद के जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव और उनकी पत्नी एडीशनल चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू। बच्ची और बेटे के साथ आणंद के जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव और उनकी पत्नी एडीशनल चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू।
Anand district development officer Amit Prakash Yadav and his wife Additional Chief Judicial Magistrate Chitra Ratnu
X
बच्ची और बेटे के साथ आणंद के जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव और उनकी पत्नी एडीशनल चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू।बच्ची और बेटे के साथ आणंद के जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव और उनकी पत्नी एडीशनल चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू।
Anand district development officer Amit Prakash Yadav and his wife Additional Chief Judicial Magistrate Chitra Ratnu

  • अफसर दंपती ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को किया सार्थक, मां ने अस्पताल में कराया फीडिंग 
  • आणंद जिले में बहने वाली नदी के नाम से ही इस बच्ची का नाम मही रखा है

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 02:18 PM IST

आणंद. गुजरात के आणंद जिले के वासद सीएचसी सेंटर में बच्ची को जन्म देने के बाद माता की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर आणंद जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव और उनकी पत्नी एडीशनल चीफ ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू ने इस बच्ची को गोद लिया है। इससे बच्ची को मजिस्ट्रेट माता, डीडीओ पिता के साथ डेढ़ साल का भाई धैवत मिल गया। आणंद जिले में तैनात इस दंपती ने यहां से बहने वाली मही नदी के नाम से ही इस बच्ची का नाम मही रखा है।
 

पहले से हैं 2 बेटियां, पिता ने आर्थिक स्थिति देख दे दिया गोद

  1. गोद दी गई बेटी मही के जैविक पिता की पहले ही दो पुत्रियां हैं। तीसरी बच्ची का जन्म और पत्नी की मौत से उसे पालने में परेशानी आना तय था। लिहाजा पिता ने भी बच्ची को गोद देने के लिए हामी भर दी। बता दें, जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में प्रसुति के दौरान महिला की मौत होती है, तो जिला विकास अधिकारी को जानकारी देनी होती है।

  2. पत्नी के अंतिम संस्कार के दौरान बनी सहमति

    नियमानुसार जिला विकास अधिकारी अमित प्रकाश यादव को जानकारी दी गई थी। इसलिए इस दंपती ने वासद सीएचसी सेंटर पर पहुंचकर बच्ची को गोद लेने के लिए उसके परिजनों से बातचीत की, जबकि बच्ची अस्पताल में ही थी और उसके पिता और परिवार के लोग बच्ची के मां का अंतिम संस्कार के लिए गए हुए थे। 

  3. पिता की मंजूरी के बाद बच्ची को कराया फीडिंग 

    दंपत्ति ने अस्पताल में जांच पड़ताल की थी कि इस बच्ची को कोई महिला फीडिंग करने को तैयार है। एक ओर बाहर मूसलाधार बारिश होने से भूखी इस बच्ची को मजिस्ट्रेट चित्रा रत्नू ने उसके पिता और डॉक्टरों की सलाह लेकर सीने से लगाया और उसे फीडिंग कराया। क्योंकि वह अपने डेढ़ साल के पुत्र को फीडिंग कराती थीं, इसलिए दूसरा कोई बच्चा भूखा रहे यह उससे देखा नहीं गया।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना