अमेरिका / नासा की एस्ट्रोनॉट टैक्सी सर्विस को झटका, क्रू कैप्सूल स्पेस स्टेशन पहुंचने से चूका

कैप्सूल फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आल्टस रॉकेट के जरिये छोड़ा गया था। कैप्सूल फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आल्टस रॉकेट के जरिये छोड़ा गया था।
बोइंग कंपनी पहले से 737 मैक्स विमानों में अपने त्रुटिपूर्ण इंजन को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रही है। बोइंग कंपनी पहले से 737 मैक्स विमानों में अपने त्रुटिपूर्ण इंजन को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रही है।
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कैप्सूल फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आल्टस रॉकेट के जरिये छोड़ा गया था।कैप्सूल फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आल्टस रॉकेट के जरिये छोड़ा गया था।
बोइंग कंपनी पहले से 737 मैक्स विमानों में अपने त्रुटिपूर्ण इंजन को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रही है।बोइंग कंपनी पहले से 737 मैक्स विमानों में अपने त्रुटिपूर्ण इंजन को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रही है।

  • बोइंग कंपनी का अंतरिक्ष यान स्टारलाइनर आईएसएस की जगह दूसरी कक्षा में पहुंच गया
  • प्रक्षेपण के बाद यह बूस्टर से भलीभांति अलग हुआ था और इसके बाद आईएसएस की ओर बढ़ गया था फिर सॉफ्टवेयर में कोई खराबी आ गई

Dainik Bhaskar

Dec 21, 2019, 07:43 AM IST

फ्लोरिडा. नासा की एस्ट्रोनॉट टैक्सी सर्विस को शुक्रवार को बड़ा धक्का लगा। बोइंग कंपनी का अंतरिक्ष यान स्टारलाइनर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचने से चूक गया। इसके बजाय यह दूसरी कक्षा में पहुंच गया। इस बोइंग के जरिए क्रू कैप्सूल कोआईएसएस पर भेजा गया था। 

कैप्सूल में एकडेमी अंतरिक्ष यात्री को भी बैठाया गया था। इसे फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से आल्टस रॉकेट के जरिये छोड़ा गया था। बोइंग कंपनी पहले से 737 मैक्स विमानों में अपने त्रुटिपूर्ण इंजन को लेकर दुनियाभर में आलोचना झेल रही है।

आंतरिक घड़ी मिशन प्लान के साथ एकरूप नहीं थी
प्रक्षेपण के बाद यह बूस्टर से भलीभांति अलग हुआ था और इसके बाद आईएसएस की ओर बढ़ गया था। इसके बाद सॉफ्टवेयर की कोई खराबी आ गई। बताया जा रहा है कि अंतरिक्ष यान की आंतरिक घड़ी मिशन प्लान के साथ एकरूप नहीं थी। इस कारण स्टारलाइनर सही समय पर अपने इंजन को स्पेस स्टेशन की तरफ नहीं धकेल पाया। इसके साथ ही धरती से उसका संपर्क टूट गया और इसे कमांड नहीं दी जा सकी।

बोइंग ने कहा- दो दिन में धरती पर लाया जाएगा 
नासा के व्यावसायिक क्रू प्रोग्राम के तहत बोइंग और स्पेस एक्स को निजी तौर पर संचालित अंतरिक्ष यान बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इसी के तहत बोइंग ने स्टारलाइनर को विकसित किया था। यह स्टारलाइनर की अंतिम टेस्ट फ्लाइट थी। इसके बाद यह पर्यटकों को लो अर्थ ऑर्बिट में ले जाने में सक्षम होता। दो साल पीछे चल रहा यह कार्यक्रम अमेरिका के लिए लो-अर्थ ऑर्बिट में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रोग्राम के तहत नासा रूस पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। स्पेस एक्स ने पिछले साल ही आईएसएस के लिए सफलता एक यान प्रक्षेपित किया था। बोइंग के मुताबिक, फ्लाइट कंट्रोल टीम ने रिमोट के जरिये कैप्सूल को नियंत्रित कर लिया है। उसे सुरक्षित कक्षा में ले जाया गया है। इसे अगले दो दिन में धरती पर लाया जाएगा।

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