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रिसर्च / दिमाग को नई सूचनाएं उतनी ही पसंद, जितना पैसा और पसंदीदा खाना



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान जुआ खिलवाकर इसका पता लगाया
  • सूचना और धन के लिए दिमाग में एक जैसी प्रतिक्रिया होती है 

Dainik Bhaskar

Jun 24, 2019, 10:11 AM IST

लॉस एंजिलिस. कोई भी नई जानकारी मिलने पर हमारे दिमाग को ठीक वैसी ही खुशी होती है, जैसी हमें पैसा या पसंदीदा खाना मिलने पर होती है। ऐसा दावा अमेरिका की जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित रिसर्च में किया गया है। इसमें बताया गया है कि जिस तरह लोग कोई जरूरी संदेश नहीं आने पर भी मोबाइल फोन को बार-बार चेक करते रहते हैं, ठीक उसी तरह हमारा दिमाग सूचनाएं पाने के लिए अपने पैमाने बदलता रहता है।

 

इंसान अमूमन पैसा पाने के लिए ऐसा करता है। दिलचस्प यह है कि शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च के दौरान जुआ खिलवाकर इसका पता लगाया। हमारा दिमाग इस बात को भी उजागर करता है कि हम किस तरह से सूचनाओं को उपयोग करते हैं।

 

दिमाग में सूचना और धन के लिए एक ही न्यूरल कोड
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता मिंग सू का कहना है कि हमारे दिमाग में सूचना और धन के लिए एक ही न्यूरल कोड होता है। यह बताता है कि हम इसका कितना और कैसे उपयोग करें। कभी-कभी यह जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए भी हमें उकसाता है। जिस तरह से हमें जंक फूड अच्छा लगता है, उसी तरह से कोई भी सूचना हमारे दिमाग को अच्छा महसूस कराती है, भले ही यह जानकारी हमारे कोई काम की न हो।

 

एमआरआई स्कैन कर परखा विश्लेषण

एमआरआई स्कैन के विश्लेषण से यह पता चला कि सूचना से दिमाग का केवल वही हिस्सा सक्रिय होता है, जहां से डोपामाइन का रिसाव होता है। यह वही रसायन है, जो भोजन करने, पैसा मिलने से सक्रिय होता है। लोगों की जिज्ञासा को न्यूरोसाइंस के जरिए समझने के लिए शोधकर्ताओं ने जुए का खेल कराया। इसमें पता लगा कि जीतने वाले ने कितना रिस्क उठाकर ज्यादा जानकारी हासिल की और कितनी रकम देने के लिए तैयार हुआ।
 
एक सेकंड में 1 लाख से ज्यादा रासायनिक प्रतिक्रियाएं
रिसर्च में खुलासा हुआ कि इंसान के दिमाग में एक सेकंड में एक लाख से ज्यादा रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं। इसके कारण उम्र के हिसाब से दिमाग परिपक्व होता जाता है। साथ ही नई-नई योग्यताएं हासिल करता है। इंसानी दिमाग हर उम्र में नई बातें सीखने और नई जानकारी पाने के लिए हमेशा तैयार होता है। नया सीखने के कारण दिमाग में लगातार झुर्रियां जैसी बनावट विकसित होती रहती है। 

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