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बीवी की आंखों की रोशनी गई, तनाव दूर करने को पति ने बनाया फ्लावर गार्डन, ताकि खुशबू साथ महसूस कर सकें

2 वर्ष पहले
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64 साल के साथ में मिस्टर एंड मिसेज कुरोकी ने बुढ़ापे में साथ घूमने के कई प्लान बनाए थे - Dainik Bhaskar
64 साल के साथ में मिस्टर एंड मिसेज कुरोकी ने बुढ़ापे में साथ घूमने के कई प्लान बनाए थे
  • शिंतोमी टाउन में बना मिस्टर एंड मिसेज कुरोकी का गार्डन अब पर्यटकों की पहली पसंद है
  • पति ने कहा- साथ दुनिया नहीं देख पाए तो क्या, फूलों की खूबसूरती का एहसास तो कर सकते हैं

टोक्यो. जापान के शिंतोमी टाउन में रहने एक जोड़े में पत्नी की आंखों में रोशनी नहीं थी। पत्नी, पति के साथ दुनिया की खूबसूरती नहीं देख पा रही थी। इस तनाव को कम करने के लिए पति ने पत्नी के लिए एक फ्लावर गार्डन बनवाया। पति ने कहा, साथ-साथ दुनिया नहीं देख पाए तो क्या, फूलों की खूबसूरती और उनकी खुशबू का एहसास तो साथ कर सकते हैं। 


दरअसल, दो साल पहले मिस्टर कुरोकी ने अपनी पत्नी के लिए गार्डन बनवाया था। क्योंकि कुछ साल पहले मिसेज कुरोकी की आंखों की रोशनी चली गई थी। समय के साथ मिसेज कुरोकी ने धीरे-धीरे गार्डन में आना शुरू किया और अब यह उनकी रूटीन बन गया है। यहां वह अपने पति के साथ काफी वक्त गुजारती हैं। अब यह टूरिस्ट्स का भी पसंदीदा स्थल बन गया है।

कपल की शादी 1956 में हुई थी
मिसेज कुरोकी का सपना था कि अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद वह पति के साथ दुनिया देखेंगी, लेकिन ऐसा कुछ हो पाता, डायबीटिज के चलते मिसेज कुरोकी की आंखों की रोशनी चली गई। इस कपल की शादी 1956 में हुई और 64 साल के साथ में दोनों ने बुढ़ापे में साथ घूमने के कई प्लान बनाए थे, लेकिन आंखों की रोशनी जाने के बाद मिसेज कुरोकी की जिंदगी बस अंधेरे कमरे में बंद होकर रह गई।

उनके एक करीबी ने बताया कि मिस्टर कुरोकी पत्नी को तनाव से निकालने की हर संभव कोशिश करते मगर कोई हल नहीं निकला। दोनों बच्चों की कोशिशें भी बेअसर रहीं। मिसेज कुरोकी बस कमरे में बंद रहने लगीं। उनके लिए इस बात को स्वीकार करना आसान नहीं था कि जिन आंखों में दुनिया घूमने का सपना देखा था, उनसे वह कभी कुछ नहीं देख पाएंगी। इसी चिंता में तनाव बढ़ता गया।

फूल को देखकर खुशी आइडिया आया
मिस्टर कुरोकी पत्नी के चेहरे पर खुशी देखना चाहते थे। इसी दौरान एक गार्डन में घूमते हुए उनकी नजर गुलाबी रंग के शिबाजुकारा फूल पर पड़ी। तब उन्हें एहसास हुआ कि फूलों की खूबसूरती सिर्फ इन्हें देखने तक ही सीमित नहीं है। इसका अनुभव तो इनकी खुशबू से ही लिया जा सकता है। बस फिर उन्होंने पत्नी के लिए इन फूलों का गार्डन बनाने की ठान ली ताकि इन फूलों की खुशबू से उसके चेहरे पर मुस्कुराहट वापस आ जाए। वह ऐसा करने में सफल भी रहे।