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यूपी / आईजी ने कर्नल बनकर थाने की जांच की थी, एक व्यक्ति ने प्रशंसा पत्र और 500 रु का चेक भेजा



आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश। आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश।
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आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश।आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश।

  • आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश को प्रशंसा पत्र और चेक एटा के विजयपाल ने भेजा
  • उसने लिखा- मैं आपके कार्य करने की शैली से प्रभावित हूं, ऐसा दूसरे अफसरों को भी करना चाहिए

Dainik Bhaskar

Aug 10, 2019, 04:21 PM IST

आगरा (उत्तरप्रदेश). आगरा रेंज के आईजी सतीश गणेश को पिछले दिनों 500 रुपए के चेक के साथ एक प्रशंसा पत्र मिला। इसे एटा के रहने वाले विजयपाल सिंह ने भेजा। पत्र में विजय ने आईजी के काम करने की शैली की तारीफ की। सतीश गणेश ने पिछले दिनों आगरा के हाईवे पुलिस की एक कर्नल के तौर पर जांच की थी। कुछ कमियां रहने को लेकर वहां के अफसर और पुलिसकर्मियों को हिदायत भी थी। सतीश 1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं।


दरअसल, विजयपाल ने अखबार में आईजी की कार्यशैली के बारे में पढ़ा था। उन्होंने लिखा,  ‘‘अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पुलिस थानों में गरीबों और असहाय लोगों की शिकायत पर एफआईआर नहीं लिखी जाती। उनको बेइज्जत कर थाने से भगा दिया जाता है। आपने इसके परखने की कोशिश की इसलिए मैं 500 रुपए बतौर ईनाम चेक भेज रहा हूं।’’

इस घटना के कारण विजयपाल ने भेजा था पत्र और चेक

  1. दरअसल, पिछले महीने 20 जुलाई को आगरा के आईजी सतीश गणेश बिना सरकारी गाड़ी और वर्दी के पुलिस मथुरा थाने में पहुंच थे। वहां उन्होंने अपना परिचय कर्नल सतीश कुमार के रूप में दिया था। उन्होंने पुलिसवालों से कार से लैपटॉप चोरी होने की शिकायत की थी। इससे पहले उन्होंने 100 नंबर पर भी कॉल कर चोरी की जानकारी थी। जब उन्हें लोकेशन शेयर करने के लिए बताया गया तो आईजी सतीश ने कहा कि उनके पास स्मार्ट फोन नहीं है। इसके बाद वह नजदीक के पुलिस थाने पहुंचे थे।

    आईजी सतीश गणेश।

     

  2. आईजी ने थाने में बताया कि गाड़ी में कुछ जरूरी कागजात थे, वे भी चोरी हैं। आईजी ने वहां के थानेदार से मिलने के लिए कहा। इस पर फौरन थानेदार उनसे मिले। उन्होंने थानेदार को अपना निवास बिहार बताया और चोरी की कहानी सुना दी। थानेदार ने उन्हें पानी और चाय के लिए पूछा। इसके बाद कर्नल बने आईजी ने अंग्रेजी में शिकायत लिखी।

  3. थानेदार रामपाल सिंह भाटी ने उन्हें तुरंत एफआईआर की एक कॉपी दी। सभी कार्रवाई होने के बाद आईजी ने अपना सही परिचय बताया। इसके बाद थानेदार समेत सभी पुलिसवालों ने उन्हें सैल्यूट किया। थानेदार रामपाल सिंह भाटी द्वारा सजगता से ड्यूटी करने पर आईजी ने उन्हें 5 हजार रुपए का ईनाम भी दिया।

  4. आईजी ने कहा- जनता की सेवा ही अहम है

    प्रशंसा पत्र और 500 रुपए का चेक मिलने पर आईजी सतीश गणेश ने कहा, " मैं 23 साल से पुलिस में हूं। उन्हें कई मेडल, प्रमाण पत्र और दूसरे सम्मान मिले हैं, लेकिन यह उन सबमें सर्वश्रेष्ठ है। यह मेडल से बेहतर है। इसे हमेशा सम्भालकर रखूंगा। पब्लिक का यह प्यार जिनकी मैं सेवा करता हूं मुझे अथक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करता है।’’

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