रिसर्च / कनाडा में मांसभक्षी पौधा मिला, वैज्ञानिकों ने 2 साल में ऐसे 202 पौधे खोजे

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2019, 12:32 PM IST



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  • कनाडा के एल्गोनकुइन प्रोविंशियल पार्क में मांसभक्षी पौधे मिले
  • यह पौधा छिपकली की तरह दिखने वाले जीव सैलामैंडर को खाता है
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि नाइट्रोजन की कमी की वजह से पौधा मांसभक्षी बन गया

लाइफ स्टाइल डेस्क.  वैज्ञानिकों ने कनाडा के दूर-दराज इलाके में मांसभक्षी पौधे की खोज की है। यह पौधा छिपकली की तरह दिखने वाले जीव सैलामैंडर को खाता है। इसे कनाडा के एल्गोनकुइन प्रोविंशियल पार्क में खोजा गया है। इस क्षेत्र में बेहद अलग किस्म में पौधे और जीव पाए जाते हैं। यह जगह उभयचर जीवों के शोध का केंद्र है।


इकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, पिछले दो साल इस क्षेत्र में शोध चल रहा है। 2017 में रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ गुएल्फ के शोधकर्ताओं ने कनाडा में 144 पिचर प्लांट देखे थे, जिसके अंदर 8 सैलामैंडर के 6 बच्चे जिंदा और 2 मृत पाए गए थे। इन्होंने इसकी जानकारी अभी साझा की है। इकोलॉजी जर्नल ने बताया कि कभी ऐसे पौधों की सिर्फ कल्पना की गई थी, लेकिन शोधकर्ताओं की मेहनत ने इसे दुनिया के सामने ला दिया।

 

 

पिटफॉल ट्रैप भी कहते हैं इस पौधे को

 

  • टीम ने अगस्त और सितंबर 2018 में ऐसे ही 58 अन्य पौधों की खोज की। इसमें से 20% पौधों में सैलामैंडर के बच्चे अंदर फंसे थे। कुछ पौधों में एक से अधिक सैलामैंडर थे। इनमें से कुछ पौधों में ये जीव 19 दिन तक जीवित रहे थे। वहीं, कुछ में तीन दिन में ही मर गए। 
  • वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस पौधे को पिटफॉल ट्रैप भी कहते हैं। ये नमी और कम पोषक तत्वों वाली मिट्टी में पनपते हैं। आमतौर पर ये पौधे कीटों और मकड़ियों को खाते हैं। पौधे इनका शिकार तने में भरे द्रव (अमृत) से करते हैं। इसकी खास खुशबू और रंग से कीट आकर्षित होते हैं, जैसे ही वे इसके पास आते हैं। वे कैद हो जाते हैं। फिर धीरे-धीरे वे दम तोड़ देते हैं। 

 

नाइट्रोजन की कमी की वजह से ऐसा करते हैं
मांस खाने का कारण जमीन में नाइट्रोजन की कमी होना है। इसकी पूर्ति पौधे कीट और जीवों को खाकर करते हैं। एक ऐसे ही पौधे की खोज वैज्ञानिकों की एक टीम ने फिलीपींस में की थी जो चूहों को खाता था। शोधकर्ताओं का कहना है कि पौधों के शिकार करने की दर उनके पोषक तत्वों की जरूरत के आधार पर तय होती है।

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