मध्यप्रदेश / 'ग' को लिख दिया 'घ' तो 29 गांवों के 11 हजार लोग एसटी से एससी के हो गए



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
X
प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • बदनावर प्रशासन लोगों को मोगिया की जगह मोघिया लिखकर जाति प्रमाण पत्र दे रहा है
  • प्रमाण पत्रों में जाति बदलने से नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ

Dainik Bhaskar

Jul 28, 2019, 09:39 AM IST

धार.  मध्यप्रदेश के धार जिले में महज एक अक्षर के फेर में 29 गांव के 11 हजार लोग अनुसूचित जनजाति (एसटी) से अनुसूचित जाति (एससी) के हो गए। दरअसल, बदनावर तहसील में मोगिया समाज के लोग रहते हैं। यहां बदनावर प्रशासन लोगों को मोगिया की जगह मोघिया लिखकर जाति प्रमाण पत्र दे रहा है, जिससे स्कूली बच्चे और उनके परिजन सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

 

गांव के लोगों के मुताबिक, देश की आजादी से ही हमारे भू-राजस्व रिकॉर्ड में जो जाति लिखी है। उसके अनुसार जाति प्रमाण पत्र नहीं दिए जा रहे। हमारी जाति बदली जा रही है।

 

हरिजन समाज का ही जाति प्रमाण पत्र देंगे

बदनावर एसडीएम नेहा साहू का कहना है कि ये लोग मोगिया समाज में नहीं आते हैं इसलिए इनको अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता। हरिजन समाज का ही जाति प्रमाण पत्र देंगे। मोगिया समाज की 22000 जनसंख्या है एवं 5000 शिक्षित वर्ग भी है। पूर्व में तहसील में निवासरत समाज के अनुसूचित जनजाति आदिवासी वर्ग के जाति प्रमाण पत्र जारी किए थे, लेकिन उनके पुत्र-पुत्रियों के प्रमाण पत्र में जाति बदली जा रही हैं।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना