• Hindi News
  • Interesting
  • The Krishna Butter Ball where Modi Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it

महाबलीपुरम / मोदी ने जिनपिंग को 1300 साल पुराना पत्थर दिखाया, इसे 7 हाथी भी नहीं हटा सके थे



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it
कृष्णा बटर बॉल। कृष्णा बटर बॉल।
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it
X
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it
कृष्णा बटर बॉल।कृष्णा बटर बॉल।
The Krishna Butter Ball where Modi-Jinping met, 1300 years old, even 7 elephants could not remove it

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कृष्णा बटर बॉल के सामने खड़े होकर फोटो भी खिंचवाईं
  • यह पत्थर एक ढलान वाली पहाड़ी पर 45 डिग्री के कोण पर बिना लुढ़के टिका है

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 01:35 PM IST

महाबलीपुरम. अनौपचारिक मुलाकात के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को यहां के शोर मंदिर के पास स्थित  कृष्णा बटर बॉल पत्थर भी दिखाया। गोल पत्थर दिखने में ऐसा लगता है कि यह कभी लुढ़क जाएगा, लेकिन पिछले 1300 सालों से ऐसा ही रखा है। दोनों नेताओं ने इसके सामने फोटो भी खिंचवाएं। 

 

यह पत्थर एक ढलान वाली पहाड़ी पर 45 डिग्री के कोण पर बिना लुढ़के टिका है। कहा जाता है कि इसका वजन 250 टन है। इसे हटाने की कोशिश पहले हुई हैं, लेकिन कोई कामयाब नहीं हो सका। इसे लेकर कई तरह की किवदंतियां भी हैं। 

 

पत्थर से जुड़े तथ्य और मान्यताएं

  • यह पत्थर आकार में 20 फीट ऊंचा और 5 मीटर चौड़ा है।
  • अपने विशाल आकार के बावजूद फिजिक्स के ग्रेविटी के नियमों के विरुद्ध है।
  • देखने वालों को महसूस होता है कि यह पत्थर किसी भी क्षण गिर सकता है।
  • पत्थर का अस्तित्व आज तक एक रहस्य बना हुआ है। साइंटिस्ट्स इस पर कई लॉजिक देते हैं, लेकिन ठोस जवाब नहीं।
  • भूवैज्ञानिकों का मानना है कि धरती में आए प्राकृतिक बदलाव की वजह से इस आकार के पत्‍थर का निर्माण हुआ।
  • हिंदू धर्मावलंबी इसे भगवान श्रीकृष्‍ण द्वारा चुराए गए मक्‍खन का ढेर मानते हैं, जो कालांतर में सूखकर पत्थर हो गया।
 Krishna's  Ball

 

इसे हटाने के प्रयास भी हुए
कृष्णा बटर बॉल को हटाने का पहला प्रयास 630 से 668 ईसवी मेें हुआ था। तब दक्षिण भारत पर पल्‍लव शासक नरसिंह वर्मन का शासन था। उनका मानना था कि यह पत्‍थर स्‍वर्ग से गिरा है, इसलिए मूर्तिकार इसे छू न सकें। हालांकि, यह प्रयास विफल रहा। इसके बाद 1908 में मद्रास के गर्वनर आर्थर लावले ने इसेे हटाने के लिए सात हाथियों की मदद ली थी। लेकिन वे भी कामयाब नहीं हुए। 

DBApp

 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना