नार्वे / दो एडवेंचर्स ने स्की से 87 दिनों में आर्कटिक महासागर पार किया, अंतिम सप्ताह बिना खाने के रहे

एडवेंचरर्स माइक हॉर्न और बोर्ज ऑसलैंड। एडवेंचरर्स माइक हॉर्न और बोर्ज ऑसलैंड।
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एडवेंचरर्स माइक हॉर्न और बोर्ज ऑसलैंड।एडवेंचरर्स माइक हॉर्न और बोर्ज ऑसलैंड।

  • 60 दिन के अभियान पर निकले थे एडवेंचरर्स माइक हॉर्न और बोर्ज ऑसलैंड 
  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण पतली होती बर्फ, भारी ठंड और खाने की कमी का सामना किया

Dainik Bhaskar

Dec 10, 2019, 01:27 PM IST

ओस्लो. दक्षिण अफ्रीकी मूल के 53 साल के एडवेंचर माइक हॉर्न और नॉर्वे के 57 साल के बोर्ज ऑसलैंड ने स्की के जरिए सफलतापूर्वक आर्कटिक महासागर पार कर लिया है। इसकी जानकारी टीम ने रविवार को दी। दोनों को 25 अगस्त को अलास्का के पास एक बोट के माध्यम से छोड़ा था। 

12 सितंबर से दोनों यात्रा पर निकले थे। उनके पास खाने के सामान से भरी एक स्लेज गाड़ी थी जिसे उन्हें ही खींचना था। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने भारी ठंड, खाने की कमी और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण पतली हो रही बर्फ की चादर जैसी कठिनाइयों का सामना करना किया।


27 अक्टूबर को उत्तरी ध्रुव को पार किया
अभियान के प्रवक्ता के लार्स एबसेन के मुताबिक, ‘‘एडवेंचर्स ने 27 अक्टूबर को उत्तरी ध्रुव को पार किया। दोनों रविवार को यात्रा पूरी कर लांस आइसब्रेकर शिप तक सफलतापूर्वक पहुंचे। उनका स्कीइंग से बोट की ओर आना इस अभियान को और मजेदार बना गया।’’

लार्स एबसेन ने बताया, ‘‘दोनों पहले के मुकाबले अब बेहतर है और आराम कर रहे हैं। यह सफर पहले दो महीने के लिए तय किया गया था, इसे नवंबर में समाप्त होना था, लेकिन देरी के कारण यह 87 दिनों में पूरा हुआ। एडवेंचर्स के पास अपनी यात्रा के अंतिम सप्ताह में खाना पूरी तरह समाप्त हो गया था।’’

As we continue to make slow progress towards our goal (Pangaea), to our surprise, we are still making use of our rafts to cross open water leads. Although it is a massive hassle and a great risk to cross open water, we always feel rewarded once we have successfully reached the other side without falling into the water. Rafting also breaks the monotonous rhythm we quickly get into when we walk in a straight line hours on end…I guess this is a way of looking at the bright side of something we really dislike doing. On average we make about 15km progress a day, but this is without taking into account the negative progress we make when we drift back from where we came from. Being here in these conditions makes me think about my trip across Antarctica almost 3 years ago. Back then, I thought that expedition would be toughest challenge I would ever embark on but now that I find myself with @BorgeOusland on this forever moving platform, I am starting to reconsider what I thought…After all, there are a lot more unpredictable and ever-changing factors in the Arctic, without even taking into account the complete darkness we currently find ourselves in. Oh well, every experience is different, and that’s the beauty of a life filled with unknown and adventure! #NorthPoleCrossing #Pole2Pole #MikeHorn

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मुश्किल हालात में 3 से 5 किलोमीटर चल पाए

यात्रा के सामान्य दिनों में हमने 15 किलोमीटर रोज चलने का लक्ष्य तय किया था, जो कुछ दिन ठीक चला। हमें लग रहा था दोनों एडवेंचर 10 से 12 पहले ही आर्कटिक पार कर लेंगे, लेकिन जब तेज हवाओं से सामना होने पर कई मुश्किलें खड़ी हुईं तब वे 3 से 5 किलोमीटर ही चल पाए।

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