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कोराना का दुनियाभर की शिक्षा पर निगेटिव असर:15.60 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, 2.5 करोड़ बच्चे कभी स्कूल नहीं लौट पाएंगे; UN ने जताई चिंता

न्यूयॉर्क4 महीने पहले
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पूर्वी और दक्षिण अफ्रीकी देशों में 5 से 18 साल की उम्र के 40% बच्चे और युवा स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
पूर्वी और दक्षिण अफ्रीकी देशों में 5 से 18 साल की उम्र के 40% बच्चे और युवा स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

कोरोना संकट के कारण दुनिया के करीब 15.60 करोड़ बच्चे अब भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इनमें से करीब 2.5 करोड़ बच्चे कभी स्कूल नहीं लौट पाएंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यह आशंका जताई है। गुटेरस ने सोशल मीडिया पर कहा- ‘कोरोना काल में दुनिया शिक्षा के संकट से गुजर रही है। स्कूल बंद हैं। हमें डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना होगा। ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जो भविष्य में बच्चों की शिक्षा के काम आए।’

दुनियाभर में 60 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पाए
यूनिसेफ के प्रवक्ता जेम्स एल्डर ने कहा- कोरोनाकाल में दुनिया भर में 60 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा सके। एशिया और प्रशांत क्षेत्र के करीब 50% देशों में 200 दिनों से स्कूल बंद हैं। दक्षिण अमेरिका के करीब 18 देशों में भी पूर्ण या आंशिक रूप से स्कूल बंद हैं। पूर्वी और दक्षिण अफ्रीकी देशों में 5 से 18 साल की उम्र के 40% बच्चे और युवा स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 8 करोड़ बच्चों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।

यूनिसेफ की रिपोर्ट: 14 देशों में सालभर बंद रहे अधिकतर स्कूल
यूनिसेफ की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2020 से फरवरी 2021 तक दुनिया के 14 देशों में बड़े पैमाने पर स्कूल बंद रहे। इसमें भारत भी शामिल रहा। इस दौरान इन देशों के 16.80 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा सके। सबसे ज्यादा दिनों तक पनामा में स्कूल बंद रहे। इसके बाद बांग्लादेश का स्थान रहा। रिपोर्ट में यूरोप और उत्तरी अमेरिकी देशों का उल्लेख नहीं है।

लर्निंग पासपोर्ट से लेकर रेडियो तक से पढ़ाई
यूक्रेन समेत कई देशों में ‘लर्निंग पासपोर्ट’ के जरिए बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। यह प्रोग्राम यूनिसेफ, कैंब्रिज यूनिवर्सिटी और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलकर तैयार किया है। इसमें बच्चों को पढ़ाई के लिए ऑनलाइन किताबें, वीडियो उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं, यूनिसेफ ने दुनिया में 100 से अधिक रेडियो लिपियों की पहचान की है। इसके जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

अमेरिका: टीकों की जागरूकता के लिए इन्फ्लुएंसर का सहारा
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के मुताबिक अमेरिका में 18 से 39 साल के लोगों में से 50% से भी कम लोगों ने कोरोना का पूर्ण टीकाकरण कराया है। इसी तरह 12 से 17 साल की उम्र के 58% बच्चों ने एक भी टीका नहीं लगाया है। जबकि अमेरिका में 50 साल से अधिक उम्र के दो तिहाई लोग पूर्ण टीकाकरण करा चुके हैं। बच्चों और युवाओं में कम टीकाकरण को लेकर सरकार चिंतित है। सरकार ने इन लोगों को टीकाकरण के प्रेरित करना चाहती है।

इसलिए व्हाइट हाउस ने एक टीम बनाई है। इसमें 50 टि्वच स्ट्रीमर, यू ट्यूबर्स, टिकटॉकर्स और 18 साल के पॉप स्टॉर सिंगर ओलिविया रोड्रिगो शामिल है। ये लोग बच्चों और युवाओं को टीकाकरण के लिए ऑनलाइन जागरूक कर रहे है। इनमें 5 हजार से एक लाख तक के फॉलोवर वालों को हर माह 70 हजार रु. दिए जा रहे हैं।