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मोंट ब्लांक ट्रजेडी:फ्रांस में एअर इंडिया के 2 विमान हुए थे क्रैश, डॉक्यूमेंट बैग भारत को लौटाया, डायमंड बॉक्स फ्रांसीसी क्लाइंबर्स को

एक महीने पहले
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1950 में हादसे का शिकार एअर इंडिया के विमान मालाबार प्रिसिंस पर दो फ्रेंच फिल्में भी बन चुकी हैं। - Dainik Bhaskar
1950 में हादसे का शिकार एअर इंडिया के विमान मालाबार प्रिसिंस पर दो फ्रेंच फिल्में भी बन चुकी हैं।
  • 1966 में परमाणु कार्यक्रम के जनक भाभा की हुई थी मृत्यु

फ्रांस के मोंट ब्लांक की बर्फीली चोटियों से 1950 और 1966 में एअर इंडिया के दो विमान टकराए थे। 1950 के हादसे में विमान मुंबई से लंदन जा रहा था, इसमें सवार सभी 50 लोगों की मौत हो गई। 1966 के हादसे में विमान मुंबई से न्यूयॉर्क जा रहा था। इसमें भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक होमी जहांगीर भाभा भी सवार थे। ये विमान भी मोंट ब्लांक में क्रैश हो गया।

भाभा समेत विमान में सवार सभी 117 यात्रियों की मौत हो गई। माेंट ब्लॉक पर जाने वाले क्लाइंबर्स को समय-समय पर यात्रियों का सामान और अन्य चीजें मिलती रहीं। बचाव दलों को बर्फ में दबे शब भी कभी कभार मिलते रहे। 2012 में क्लाइंबर्स को एक डॉक्यूमेंट बैग भी मिला जिस पर ऑन इंडियन गवर्नर्मेंट सर्विस लिखा था। इसे फ्रांस सरकार ने भारत को लौटा दिया। 2013 में दो फ्रांसीसी क्लाइंबर्स को एक बॉक्स मिला जिसमें डायमंड भरे हुए थे। दोनों ने इस बॉक्स को फ्रांसीसी पुलिस को लौटा दिया। इस बॉक्स पर एअर इंडिया का लोगो लगा हुआ था।

ऐसे में इस बॉक्स की मिल्कियत स्थापित नहीं हो पाई। क्योंकि उस दौरान एयर इंडिया यात्रियों को सफर के दौरान कीमती सामान रखने के लिए बॉक्स देता था। इसे लगेज माना गया। वर्षों तक फ्रांसीसी पुलिस के कब्जे में रहने के बाद रविवार को शैमोनिक्स के मेयर ने इस डायमंड बॉक्स को दोनों क्लाइंबर्स को सौंप दिया। बॉक्स के डायमंड की कीमत सवा करोड़ रुपए बताई जाती है।

दो फिल्में भी बन चुकीं, ब्लैक बॉक्स कभी नहीं मिला

1950 में हादसे का शिकार एअर इंडिया के विमान मालाबार प्रिसिंस पर दो फ्रेंच फिल्में भी बन चुकी हैं। एक 1956 और दूसरी 2004 में। 1966 में हादसे का शिकार विमान का नाम कंचनजंगा था। इसमें भाभा सवार थे। दोनों विमानों के ब्लैक बॉक्स कभी नहीं मिले। दोनों विमानों का क्रैश स्थल 200 मीटर दूर था।

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