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पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन: 26/11 मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को सजा देने की मांग

8 महीने पहले
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टोक्यो स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन करते मानवाधिकार कार्यकर्ता।
  • प्रदर्शनकारी तिरंगा और पाकिस्तान विरोधी नारे लिखे प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे
  • इस हमले में व्यापारिक दौरे पर भारत आए जापानी नागरिक की मौत हुई थी
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टोक्यो. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को 26/11 के मुंबई हमले में मारे गए लोगों को याद किया। कार्यकर्ताओं ने इसके बाद पाकिस्तान दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया और मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को सजा देने की मांग की। 2008 में 26 नवम्बर को मुंबई के ताज होटल समेत कुछ स्थानों पर आतंकी हमले हुए थे। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी।


प्रदर्शनकारियों  कार्यकर्ताओं ने मुंबई हमले को कायरतापूर्ण बताया। प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा और पाकिस्तान विरोधी नारे लिखे प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे। मुंबई हमले में भारतीय नागरिकों के साथ जापानी नागरिक हिसाशी सुडा की भी मौत हुई थी। सुडा हमले वाले दिन एक व्यापारिक दौरे पर मुंबई आए थे।

कसाब ने हाफिज की संलिप्तता की पुष्टि की थी
हमले के बाद पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब ने हाफिज की संलिप्तता की पुष्टि की थी। हाफिज आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा का सरगना है। यह दोनों संगठन पाकिस्तान से चलते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, रुस, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों ने इन्हें आतंकी संगठन घोषित किया है। अमेरिका ने मुंबई हमले के आरोपी हाफिज पर 1 करोड़ रुपए का ईनाम घोषित किया है।

पाकिस्तान हाफिज को बचाने की कोशिश कर रहा
पाकिस्तान हाफिज पर कार्रवाई करने के बजाए लगातार उसे बचाने की कोशिश कर रहा है। पेरिस की संस्था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को टेरर फंडिंग पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। बावजूद इसके पाकिस्तान के रूख में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। इस मामले पर दुनियाभर में पाकिस्तान की आलोचना हुई है।

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