दुनिया के सबसे बड़े रोड-रेल केबल ब्रिज के टॉवर का काम पूरा, ऊपर 6 लेन एक्सप्रेसवे और नीचे 4 रेलवे ट्रैक बनेंगे

2 वर्ष पहले
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टॉवर निर्माण के बाद ब्रिज काे जोड़ा जाएगा। - Dainik Bhaskar
टॉवर निर्माण के बाद ब्रिज काे जोड़ा जाएगा।
  • 11 किमी लंबे इस पुल के प्रत्येक टॉवर में 73,000 घन मीटर कंक्रीट और 11,000 टन स्टील लगा है
  • पुल खतरनाक टाइफून, 8.0 की तीव्रता का भूकंप और 100,000 टन के जहाज की टक्कर सह सकता है 

नानजिंग. पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत में गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े रोड रेल केबल ब्रिज के मुख्य टॉवर का काम पूरा हो गया। यह ब्रिज हुतोंग यांग्त्जे नदी पर बन रहा है। मुख्य टॉवर की ऊंचाई 330 मीटर है। 11072 मीटर लंबा ब्रिज नान्चॉन्ग और सूज़ो शहरों को जोड़ता है। पुल के ऊपरी डेक पर 6-लेन एक्सप्रेसवे और निचले डेक पर 4 रेलवे ट्रैक बनेंगे। इस साल के अंत तक ब्रिज पर सड़क यातायात शुरू हो जाएगा। यह ब्रिज वुहान को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। वुहान चीन के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्टेशन हब में से एक है।

1) जितना लंबा पुल केबल टॉवर उतना ही ऊंचा होगा

चीन रेलवे मेजर ब्रिज इंजीनियरिंग ग्रुप कंपनी लिमिटेड (एमबीईसी) के परियोजना प्रमुख निंग चाओक्सिन ने कहा, यह ब्रिज दो केबल टॉवर की प्रमुख संरचना है। पुल जितना लंबा होगा, केबल टॉवर उतना ही ऊंचा होगा।

पुल को लंबी अवधि के लिए डिजाइन किया गया है। प्रत्येक टॉवर के निर्माण के लिए लगभग 73000 घन मीटर कंक्रीट और 11000 टन स्टील लगा है। इसकी ऊंचाई भी 110 मंजिला गगनचुंबी इमारत के बराबर है।

निंग ने कहा, इस ब्रिज को इस तरह डिजाइन किया गया कि यह पुल खतरनाक टाइफून, 8 की तीव्रता के भूकंप का झटका और 100000 टन के जहाज की टक्कर को सहन कर सकता है।

एमबीईसी के मुताबिक, पुल पर रेलवे ट्रैक बिछाने का काम जनवरी 2020 में शुरू होगा। पुल के बनने से यांग्त्जे नदी डेल्टा क्षेत्र में सड़क और रेलवे यातायात का दबाव कम होगा।

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