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सबसे ऊंची चोटी को फतह करने का सीजन खत्म:43 टीमों के 408 पर्वतारोहियों और 500 शेरपाओं ने इस साल पूरी की माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई

4 महीने पहलेलेखक: काठमांडू से भास्कर के लिए अभय राज जोशी
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पर्वतारोहियों की कतार की यह दुर्लभ फोटो मिंगमा दोरची शेरपा ने ली है। - Dainik Bhaskar
पर्वतारोहियों की कतार की यह दुर्लभ फोटो मिंगमा दोरची शेरपा ने ली है।

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का सीजन गुरुवार से खत्म हो गया है। इस बार महज 43 टीमों के 408 लोगों को नेपाल की तरफ से चढ़ाई के लिए परमिट दिया गया। उनकी मदद के लिए 500 से ज्यादा शेरपाओं ने हिस्सा लिया। यह हालिया इतिहास में किसी सीजन में पर्वतारोहियों की सबसे कम संख्या है।

बेस कैंप के संपर्क अधिकारी ज्ञानेंद्र श्रेष्ठ ने बताया कि इस साल ‘ताऊते’ और ‘यास’ तूफान की वजह से पर्वतारोहियों को चढ़ाई के लिए गिने-चुने दिन ही मिले। हालांकि कितने लोगों ने एवरेस्ट फतह की, इसके आंकड़े पर्वतारोहियों के दावों के सत्यापन के बाद जारी किए जाएंगे।

एवरेस्ट पर अभियान का आयोजन करने वाले शेरपाओं का कहना है कि कई लोगों ने कोविड-19 के डर से अपनी चढ़ाई छोड़ दी। माना जाता है कि दर्जनों शेरपा भी संक्रमित थे। हालांकि सरकार एवरेस्ट पर कोरोना विस्फोट की खबरों से इनकार करती रही है।

बेस कैंप 3 से 4 के बीच बनी यह तस्वीर
इस फोटो के पीछे की कहानी बताते हुए मिंगमा कहते हैं कि वे 21 मई को बेसकैंप पहुंचे थे। एक दिन बाद उन्होंने अपना सफर शुरू किया। शिखर पर पहुंचने के लिए 4 कैंप से होकर गुजरना पड़ता है। एवरेस्ट में कतार की यह फोटो कैंप 3 से कैंप 4 की चढ़ाई के दौरान ही बनती है। क्योंकि कैंप 3 से लोग एक ही समय में कैंप चार के लिए निकलते हैं। लेकिन पर्वतारोहियों की अलग-अलग गति की वजह से यह कतार कुछ ही समय में तितर-बितर हो जाती है। एेसे में सुबह जल्दी टेंट से बाहर आया और खुद को इस फोटो के लिए सही जगह पर तैनात किया।

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