• Hindi News
  • International
  • 5 Girls Of Afghan Robotics Team Reached Mexico City Amid Deteriorating Situation In The Country

अफगानी लड़कियों ने मेक्सिको से मांगी शरण:देश के बिगड़ते हालात के बीच मेक्सिको सिटी पहुंची अफगान रोबोटिक्स टीम की 5 लड़कियां, इंटरनेशनल अवार्ड्स जीत चुकी हैं

मेक्सिको सिटी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रोबोटिक्स टीम की लड़कियां मंगलवार को मेक्सिको के बेनिटो जुआरेज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची, टीम ने विदेश मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड को पासपोर्ट सौंपकर मानवीय आधार पर शरण देने की मांग की।   - Dainik Bhaskar
रोबोटिक्स टीम की लड़कियां मंगलवार को मेक्सिको के बेनिटो जुआरेज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची, टीम ने विदेश मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड को पासपोर्ट सौंपकर मानवीय आधार पर शरण देने की मांग की।  

तालिबानी हुकूमत की त्रासदी झेल रहे अफगानिस्तान के लोग हर हाल में अपना देश छोड़ना चाहते हैं। इस बीच ऑल-गर्ल अफगान रोबोटिक्स टीम की 5 लड़कियां शरण के लिए मंगलवार शाम मेक्सिको पहुंची। बेनिटो जुआरेज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लड़कियों का स्वागत किया गया। उप विदेश मंत्री मार्था डेलगाडो ने उनका अभिवादन करते हुए कहा, हम आपका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।

टीम ने जीते हैं इंटरनेशनल अवार्ड्स
इस टीम में अलग-अलग उम्र की महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं, जिसमें सबसे कम उम्र की लड़की 14 साल की है। इन्होंने मार्च 2020 में एक ओपन-सोर्स और कम लागत वाले वेंटिलेटर बनाने पर काम शुरू किया था। ये लड़कियां रोबोट बनाने के लिए इंटरनेशनल अवार्ड्स भी जीत चुकी हैं।

मेक्सिको करेगा हरसंभव मदद
मेक्सिको ने अफगानी महिलाओं और लड़कियों की सहायता करने का ऐलान किया किया है। यहां के विदेश मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड ने 18 अगस्त को ट्वीट कर बताया कि उन्होंने अफगान नागरिकों के रिफ्यूजी एप्लीकेशन पर काम करना शुरू कर दिया था। महिलाओं और लड़कियों ने शरण के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किए हैं। ईरान में मेक्सिको के राजदूत की सहायता से अफगानी लड़कियों को रेस्क्यू किया जा रहा है।

अफगानी वॉलंटियर ग्रुप कर रहा है मदद
लड़कियों को मेक्सिको पहुचाने में एक वॉलंटियर ग्रुप ने की मदद की। तालिबान से अपने परिवार के खतरे को देखते हुए वॉलंटियर ग्रुप के सदस्यों ने अपनी पहचान गोपनीय रखी है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को तड़के 3 बजे मेक्सिको सिटी के हवाई अड्डे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। कहा जा रहा है कि अफगानिस्तान से शरणार्थियों के बड़े समूह के आने की उम्मीद है।

तालिबान ने की देश न छोड़ने की अपील
तालिबान ने 1990 के दशक के अंत में लड़कियों और महिलाओं के काम करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, तालिबान का कहना है कि वह महिलाओं के अधिकारों और लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देगा। वहीं, तालिबान ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अफगान नागरिकों से कहा है कि वो देश छोड़कर न जाएं।

खबरें और भी हैं...