पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

न्यूयॉर्क टाइम्स से:डॉक्टरों ने कहा- कोरोना संक्रमण के 5 से 10 दिन बेहद चिंताजनक, सतर्कता बरतना जरूरी

वॉशिंगटनएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डॉक्टर के मुताबिक, हर मरीज अलग होता है, लेकिन संक्रमण के 5 से 10 दिन सांसों की जटिलता के लिए सबसे चिंताजनक समय होता है। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
डॉक्टर के मुताबिक, हर मरीज अलग होता है, लेकिन संक्रमण के 5 से 10 दिन सांसों की जटिलता के लिए सबसे चिंताजनक समय होता है। -फाइल फोटो
  • डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर मरीजों को दो हफ्ते के बाद पता चलते हैं लक्षण, ऐसे में रोज के लक्षणों पर नजर रखना जरूरी
  • बीमारी के पहले संकेत पर रोज का कैलेंडर बनाना संक्रमण की निगरानी के महत्वपूर्ण कदम हैं, जैसे- कब क्या हुआ आदि

(तारा पार्कर-पोप). जब मेरे एक रिश्तेदार हाल ही में गंभीर रूप से बीमार हुए, तो कोरोना संक्रमण लग रहा था। मेरा पहला सवाल समय के बारे में था कि आपको कितने दिन पहले लक्षण दिखने शुरू हुए थे? बीमारी के पहले संकेत पर रोज का कैलेंडर बनाना संक्रमण की निगरानी के महत्वपूर्ण कदम हैं। जैसे- कब क्या हुआ, बुखार और ऑक्सीजन के स्तर को ट्रैक करना आदि।

अल्बर्टा यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. इलाना श्वार्ट्ज कहते हैं, “ज्यादातर लोग एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोग बीमारी की “एक बहुत बुरी दूसरी लहर” में प्रवेश कर जाते हैं। हालांकि, हर मरीज अलग होता है, लेकिन संक्रमण के 5 से 10 दिन सांसों की जटिलता के लिए सबसे चिंताजनक समय होता है।” डॉ. श्वार्ट्ज के मुताबिक, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों की स्थिति 10 से 12 दिन में मुश्किल हो सकती है।

मॉनिटरिंग से बेहतर इलाज में मिलेगी मदद 

1-3 दिनः कोरोना के शुरुआती लक्षण भिन्न होते हैं। यह गले में खुजली, खांसी, बुखार, सिरदर्द और छाती में दबाव से शुरू हो सकता है। कभी-कभी यह लूज मोशन से शुरू होता है। कुछ लोग थकान महसूस करते हैं और स्वाद और गंध पहचान नहीं पाते।

4-6 दिनः कभी-कभी बुखार, दर्द, ठंड लगना, खांसी और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। कुछ बच्चों और युवाओं के शरीर पर चकते पड़ सकते हैं। हाथ-पैर की उंगलियों पर खुजलीदार लाल धब्बे, सूजन या छाले हो सकते हैं।

7-8 दिनः सीडीसी के मुताबिक, जिन रोगियों के लक्षणों में सुधार है और 3 दिनों से बुखार नहीं है, वे आइसोलेशन से बाहर आ सकते हैं। कुछ की स्थिति बनी रह सकती है। ऑक्सीजन के स्तर की निगरानी करनी चाहिए। अस्वस्थ महसूस करने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

8-12 दिनः इस दौरान मरीज को पेट के बल या करवट पर लेटने से बेहतर नींद महसूस हो सकती है। माउंट सिनाई के डॉ. चार्ल्स पॉवेल कहते हैं, ‘8-12 दिन में पता चल जाता है कि मरीज की स्थिति बेहतर है या बिगड़ने वाली है। ऑक्सीजन का स्तर महत्वपूर्ण है।’

13-14 दिनः हल्की बीमारी वाले मरीजों को ठीक हो जाना चाहिए। जिनमें लक्षण बदतर थे, लेकिन ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखा, वे दो हफ्ते में ठीक होने चाहिए। हालांकि, जिन्हें कम ऑक्सीजन के कारण अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता हो, अभी भी अस्वस्थ और थके हुए महसूस कर रहे हो, तो उन्हें ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।

खबरें और भी हैं...