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महामारी से मुकाबला:अमेरिका में 12-17 साल तक के 56% बच्चों को टीके की पहली डोज लगी, स्कूल खुलने के बाद बाइडेन सरकार की बड़ी तैयारी

वॉशिंगटन4 महीने पहले
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अमेरिका दुनिया में बच्चों के टीके को मंजूरी देने वाले पहला देश था। - Dainik Bhaskar
अमेरिका दुनिया में बच्चों के टीके को मंजूरी देने वाले पहला देश था।

अमेरिका में कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट घातक असर दिखा रहा है। लेकिन स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थान खुलने के बाद बाइडेन सरकार ने बच्चों को महामारी से सुरक्षा कवच मुहैया कराने का युद्धस्तर पर अभियान भी छेड़ा हुआ है। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार अमेरिका में अब तक 12 से 17 वर्ष के लगभग 56 फीसदी बच्चों को वैक्सीन की पहली खुराक जबकि 45 फीसदी बच्चों को दूसरी डोज लग चुकी है।

सरकार ने अभिभावकों में बच्चों को वैक्सीन लगवाने को लेकर झिझक को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान भी छेड़ा है। अमेरिका दुनिया में बच्चों के टीके को मंजूरी देने वाले पहला देश था। मई में 12 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को टीके लगने शुरू हुए। उधर, अमेरिका में अब तक कोरोना से 675722 लोगों की मौत हो चुकी है। 1918 के फ्लू से अमेरिका में 675000 की मौत हुई थी।

कुछ अभिभावकों में टीके की झिझक भी: सर्वे
काइजर फैमिली सर्वे के अनुसार 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20 फीसदी अभिभावकों में बच्चों को टीका लगवाने की झिझक भी है। टेक्सास की रेने कहती हैं कि वो बच्चों को कोरोना पूर्व का सामान्य जीवन जीना देखना चाहती हैं लेकिन बच्चों में साइड इफेक्ट का खतरा रहता है।

6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों का डेटा जल्द
फाइजर का कहना है कि छह माह से 5 वर्ष तक के बच्चों पर उसकी वैक्सीन का डेटा जल्द सामने आने वाला है। फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बोरिया का कहना है कि परीक्षणों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। उम्मीद है कि परीक्षण के अंतिम परिणाम भी बेहतर ही होंगे।

5 से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों में बढ़ जाती है इम्युनिटी
फाइजर के अनुसार 5-11 वर्ष तक के बच्चों में काेराेना के प्रति इम्युनिटी में उसकी वैक्सीन कारगर रही है। टीके के बाद बच्चों में प्रतिरोध क्षमता में 66 फीसदी से अधिक विकास देखा गया है। कंपनी जल्द ही वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी के लिए दवा नियामक को आवेदन करेगी।

विभिन्न देशों में बच्चों काे टीके का सुरक्षा कवच

  • UK: 12 से 15 साल तक के बच्चों को फाइजर वैक्सीन की कम से कम एक डोज की सिफारिश।
  • डेनमार्क: 12 से 15 साल तक के लगभग सभी बच्चों को टीके की एक खुराक लग चुकी है।
  • स्पेन: 12 से 19 साल तक के लगभग सभी बच्चों को टीके की एक खुराक लग चुकी है।
  • फ्रांस: 12 से 17 साल तक के 66%बच्चों को एक डोज, 52%बच्चों को दोनों डोज लग चुकी।
  • जर्मनी: 12 से 15 साल तक के बच्चों को जून में वैक्सीन लगाने की अनुमति प्रदान की गई थी।
  • स्वीडन: 12 से 15 वर्ष तक की आयु के फेफड़ों की बीमारी और अस्थमा पीड़ित बच्चों को टीका।
  • नॉर्वे: 12 से 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को एक ही खुराक की अनुमति प्रदान की गई है।
  • कनाडा: 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को वैक्सीन की डोज 21 दिन के अंतराल में।
  • चीन: 3-17 वर्ष तक के बच्चों काे जून से टीके। दोनों डोज लगवाने वाले अभिभावकों के बच्चों को ही स्कूल में प्रवेश की अनुमति।

भारत में अगले माह से बच्चों काे टीके संभव
यूनिसेफ के आंकड़ों के अनुसार भारत में बच्चों की आबादी लगभग 25 करोड़ है। ताजा राष्ट्रीय सीरो सर्वे के अनुसार बच्चों की लगभग 60 फीसदी आबादी संक्रमण के प्रति संवेदनशाील है। दवा नियामक डीसीजीआई ने स्वदेशी कैडिला कंपनी की जायकोव-डी वैक्सीन को मंजूरी प्रदान की है। ये वैक्सीन 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों को लगाई जा सकेगी। संभावना है कि भारत में अगले माह से बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जा सकता है।

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