अमेरिका में 79 चीनी संस्थानों पर लगा ताला:चीनी संस्कृति के नाम पर दुष्प्रचार और कम्युनिस्ट एजेंडा फैलाने का आरोप

न्यूयॉर्क14 दिन पहले
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अमेरिका में चीनी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के नाम पर कम्युनिस्ट पार्टी के एजेंडा को बढ़ाने वाले चीन के संस्थानों के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत 79 चीनी संस्थानों को बंद कर दिया गया है। अमेरिकी सांसदों और गृह विभाग की कई जांचों से यह पता चला है कि चीनी भाषा और संस्कृति सिखाने के लिए खुले इन संस्थानों को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी फंड देती है।

चीन ने अमेरिका में चीनी शक्ति और प्रभाव का विस्तार किया। पार्टी समर्थक विचारों को आगे बढ़ने के लिए 2004 के बाद चीन सरकार ने अमेरिका में 100 से अधिक ऐसे संस्थान खोले। लेकिन अब इनकी संख्या 19 रह गई है।

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146 देशों में चीन के 525 संस्थान
दुनिया भर में चीन की सरकार कन्फ्यूशियस संस्थानों के जरिए सालाना लगभग 10 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करती है। ये कन्फ्यूशियस संस्थान चीन की सरकारी एजेंसी हनबन के जरिए चलाए जाते हैं। ये संस्थान मेजबान देश के कॉलेज या यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी में चलाए जाते हैं।

दुनिया भर में 146 देशों में इसके करीब 525 संस्थान हैं। यहां से 90 लाख से ज्यादा स्टूडेट्स पढ़ाई कर चुके हैं। जबकि इस संस्थान के समर्थकों का तर्क है कि ये केंद्र चीनी भाषा सिखाने का काम करते हैं, लेकिन बात इतनी ही नहीं है। कई अमेरिकी सांसदों ने चीनी सरकार के शब्दों का हवाला दिया, जिसमें इस संस्थान को चीन की प्रचार शाखा बताया गया है।

कंफ्यूशियस संस्थान चीन के विदेशी प्रचार के लिए अहम
पोलित ब्यूरो के स्थायी सदस्य चांगचुन ने कहा कि कंफ्यूशियस संस्थान चीन के विदेशी प्रचार सेट-अप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सीनेटर टेड क्रूज, कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस महिला प्रतिनिधि डाना रोहराबाचर, सीआईए निदेशक विलियम बर्न्स और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इन कंफ्यूशियस संस्थानों को बंद करने के लिए लंबे समय तक अभियान छेड़ा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने 2020 में कंफ्यूशियस संस्थानों को चीन के विदेशी मिशन के तौर पर दर्ज किया और इसे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का वैश्विक प्रभाव और प्रचार तंत्र बताया था।

तिब्बत या हॉन्गकॉन्ग के मुद्दे पर पढ़ाई की मनाही
कंफ्यूशियस संस्थानों में चीनी सीखने वाले स्टूडेट्स को कम्युनिस्ट पार्टी निर्देशित कोर्स पढ़ाते हैं। शिनजियांग, तिब्बत, थियानमेन या हॉन्गकॉन्ग जैसे मुद्दों पर पढ़ाई की मनाही है। कंफ्यूशियस इंस्टीट्यूट के डॉयरेक्ट की धमकी के बाद अमेरिका की नाॅर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी ने तिब्बती बौद्धगुरु दलाई लामा की यात्रा रद्द कर दी थी।

कंफ्यूशियस संस्थानों की अमेरिकी संप्रभुता को ना
अमेरिका के नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्कॉलर्स ने इन संस्थानों की जांच की। एसोिसएशन की जांच से पता चला है कि चीनी वेबसाइटों पर पोस्ट किए कंफ्यूशियस संस्थान का संविधान प्रभावी रूप से अमेरिकी संप्रभुता पर यह कहकर सवाल उठाता है कि कंफ्यूशियस संस्थानों के परिसर में चीन का ही कानून लागू होता है।