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ब्लैक क्वींस ने 'गोरेपन' पर पोती 'कालिख':9 अफ्रीकी मॉडल ब्रिटिश मैगजीन के कवर पर छाईं, गोरी महिला की तस्वीर से आया आइडिया

लंदन7 महीने पहले
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ब्रिटेन की बहुचर्चित मैगजीन वोग के कवर पेज पर आना दुनिया की हर खूबसूरत मॉडल का सपना होता है। इस बार 9 लड़कियां इस मैगजीन के कवर पेज पर जगह बनाई हैं। ये लड़कियां अमेरिका, ब्रिटेन या किसी विकसित देशों की नहीं हैं। ये वे लड़कियां जिनका रंग तो ब्लैक है, मगर दिल उजला है। इनकी खूबसूरती, तीखे नैन नक्श ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। कवर पेज पर छाने वाली ये लड़कियां हैं-अडट अकेच, न्यागुआ रूया, अनोक येई, मैजेस्टी अमारे, अमार आकवे, जेनेट जंबो, मैटी फॉल, अबेनी नहायल और अकोन चेंगकाऊ भी हैं।

सुंदरता की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश, हम कामयाब रहे
वोग के एडिटर इन चीफ एडवर्ड एन्नीफुल कहते हैं कि इन 9 लड़कियों ने सौंदर्य के सारे प्रतिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इन्हें कवर पेज पर लेकर हमने सौंदर्य की नई व्याख्या करने की कोशिश की है। एडवर्ड का ही यह आइडिया था कि इस बार फैशन मॉडल को नए सिरे से रिडिफाइन किया जाए। उनके इस आइडिए को दुनियाभर में सोशल मीडिया पर जबरदस्त वाहवाही मिल रही है।

एक गोरी महिला की तस्वीर से आया आइडिया
एडवर्ड बताते हैं कि ब्लैक वुमन को कवर पेज पर लेने का आइडिया 1990 के एक फोटोग्राफर पीटर लिंढबर्ग की तस्वीर से आया। इस तस्वीर में सिर्फ एक गोरी महिला दिखाई गई थी। एडवर्ड को लगा कि क्यों न ऐसी लड़कियों को रखा जाए जो अफ्रीका से हों और स्मार्ट हों। उनका यह आइडिया काम कर गया।

एक शो ने बदली जिंदगी, फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा
कवर पेज पर आने वाली अडट अकेच अपने अनुभव को लेकर कहती हैं कि जब मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब मॉडलिंग शूरू की तो ब्लैक होने की वजह से हमें न जाने क्या क्या कहा गया। इस फील्ड में न कोई सूडानी और न ही कोई अफ्रीकी मॉडल मिली। फिर मैं एक ऐसे शो में गई, जहां मेरी जैसी अफ्रीकी देशों की कई और लड़कियां थीं। इससे बड़ा बदलाव आया है। मुझे बड़ी खुशी हुई कि हमारे जैसी कई और लड़कियों के लिए भी दुनिया में जगह है।
एक और मॉडल बोली, कुछ समय के लिए अवसाद से भी गुजरी
कवर पेज पर जगह बनाने वाली सूडानी मॉडल अनोक येई भी अकेच की बातों का समर्थन करते हुए कहती हैं कि शुरुआत में मैं अकेली पड़ गई थी। एक समय मुझे झिझक, अवसाद और पीड़ा से भी गुजरना पड़ा। आज मेरा समुदाय मेरे पीछे खड़ा है। मैं अपने दोस्तों से अपनी भाषा में ही बात करती हूं।

सोशल मीडिया इन लड़कियों के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरा।
सोशल मीडिया इन लड़कियों के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरा।

सोशल मीडिया ने दुनिया तक पहुंचाया, अब मिला नाम
वोग पर छाने वाली इन लड़कियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होती है। यही वजह है कि हमें सोशल मीडिया ने ही पहचान दी। अनोक कहती हैं कि मैं मिलान या पेरिस के शो में जाने के लिए एजेंट के चक्कर लगाती थी। रवांडा, बुरुंडी या यूगांडा की लड़कियां इनके चक्करों में फंस जाती थीं। मगर, अब वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर ने हमें इस मुकाम पर पहुंचाया।