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ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के सर्वे में खुलासा:ब्रिटेन में हर 10 में से 9 महिला डॉक्टर को भेदभाव झेलना पड़ा, मौके कम दिए गए, ट्रेनिंग में पुरुष सहयोगियों की मसाज करने को कहा गया

लंदन3 महीने पहले
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सर्वे के मुताबिक 31% महिला डॉक्टरों से हुई छेड़छाड़। - Dainik Bhaskar
सर्वे के मुताबिक 31% महिला डॉक्टरों से हुई छेड़छाड़।

कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ भेदभाव चिंता की बात है। शायद ही कोई ऐसा पेशा होगा जहां महिलाओं को भेदभाव न झेलना पड़ता हो। ब्रिटेन से आई एक रिपोर्ट बताती है कि वहां हालात किस कदर भयावह हैं। वहां हर 10 में से 9 महिला डॉक्टरों को भेदभाव झेलना पड़ा है। इनमें छेड़छाड़, काम के मौके न मिलना और पुरुष सहयोगियों के कंधों की मालिश करने जैसी प्रताड़ना शामिल हैं। यह खुलासा ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन के सर्वे में हुआ है।

महिला डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार हुआ
​​​​​​सर्वे में शामिल 91% महिला डॉक्टर्स ने बताया कि उन्हें काम के दौरान भेदभाव झेलना पड़ा। वहीं, 70% का कहना था कि उनकी पेशेगत काबिलियत पर शक किया गया। इसके चलते वे हतोत्साहित हुईं। सर्वे में 2400 से ज्यादा डॉक्टर्स को शामिल किया गया था। सर्वे के मुताबिक नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) की आधी से ज्यादा महिला डॉक्टर्स से दुर्व्यवहार या मारपीट हुई।

कार्यस्थल पर छेड़छाड़ का शिकार हुई महिलाएं
सर्वे में शामिल 84% डॉक्टर्स ने यह माना कि चिकित्सा पेशे में लैंगिक भेदभाव बड़ा मुद्दा है। वहीं, 75% का मानना है कि भेदभाव करियर की प्रगति में बड़ी बाधा है। महिला होने के नाते उन्हें मौके भी कम दिए जाते हैं।

31% डॉक्टर्स ने तो बताया कि उन्हें कार्यस्थल पर छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा। जबकि, 56% को मौखिक तौर पर बुरा बर्ता‌व और धमकियां झेलनी पड़ीं। एक जूनियर डॉक्टर ने बताया कि सर्जिकल टीम में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पुरुष सहयोगियों के कंधों की मालिश करने को कहा गया।

इंटरव्यू में पूछे गए अजीब सवाल
एक अन्य डॉक्टर से इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या वह परिवार बढ़ाने की योजना बना रही हैं? उनसे कहा गया कि आपके पास आने वाले मरीज योग्य पुरुष डॉक्टरों को दिखाना चाहते हैं। एक डॉक्टर ने बताया, ‘मुझे कहा गया कि मैं इतनी सुंदर नहीं दिखती कि बैठकों में लोगों का ध्यान खींच सकूं। कुल मिलाकर वे मुझे बुद्धू साबित करना चाहते थे।’

जूनियर डॉक्टर चेल्सी ज्विट कहती हैं कि पुरुष सहयोगी के चलते उनकी अनदेखी हुई। उन्होंने कहा, ‘मुझसे ऐसे लहजे में बात की गई कि मुझे अपमाजनक लगा। मैं रात की शिफ्ट के बाद इतनी थकी थी कि कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकी। दो हफ्ते बाद फिर पुरुष सहयोगी का पक्ष लेने के लिए मुझे नजरअंदाज किया गया। यह एक बार की बात नहीं, ऐसा अक्सर होता है।’

महिला डॉक्टर्स की सैलरी पुरुष समकक्षों की तुलना में 35 लाख रुपए कम

महिला डॉक्टर्स के साथ भेदभाव सिर्फ बातों और व्यवहार तक सीमित नहीं है। ब्रिटेन में महिला डॉक्टरों की तनख्वाह भी पुरुष समकक्षों की तुलना में 30% तक कम है। न्यू मेडस्केप की वर्ष 2020 की स्टडी के मुताबिक महिला डॉक्टरों को पुरुषों की तुलना में 35 लाख रुपए कम मिलते हैं।

एसोसिएशन के प्रतिनिधि निकाय की कार्यवाहक प्रमुख डॉ. लतीफा पटेल ने कहा, यह भयावह है कि 2021 में हम ऐसी असमानताओं पर बात कर रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा है कि ये आंकड़े डराने वाले और रिपोर्ट चौंकाने वाली है। जल्द ही वह इन मुद्दों के समाधान के लिए तंत्र बनाएगा।