तोहफा / यूएन मुख्यालय में लगे भारत की तरफ से गिफ्ट किए सोलर पैनल्स, इनसे इमारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी

यूएन मुख्यालय पर सोलर पैनल लगाते मजदूर। यूएन मुख्यालय पर सोलर पैनल लगाते मजदूर।
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यूएन मुख्यालय पर सोलर पैनल लगाते मजदूर।यूएन मुख्यालय पर सोलर पैनल लगाते मजदूर।

  • यूएन ने ट्वीट कर बताया कि इन सोलर पैनल्स से 50 किलोवाॅट तक बिजली पैदा होगी
  • यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा- भारत जलवायु परिवर्तन से लड़ने को लेकर प्रतिबद्ध

दैनिक भास्कर

Sep 07, 2019, 06:45 PM IST

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र ने भारत द्वारा गिफ्ट किए गए सोलर पैनल्स को शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएन हेडक्वार्टर की छत पर लगाया। संयुक्त राष्ट्र ने इस मौके पर ट्वीट कर कहा- “भारत की तरफ से गिफ्ट के तौर पर सोलर पैनल्स मिले। इसे यूएन की छत पर लगाया गया। इस पैनल की मदद से अधिकतम 50 किलोवाट बिजली पैदा होंगी।” सोलर पैनल के अलावा यूएन हेडक्वार्टर की छत को भी ग्रीन रूफ में बदला गया। इस छत को पेड़-पौधों से ढका गया है।

 

भारत जलवायु परिवर्तन से लड़ने को लेकर प्रतिबद्ध: अकबरुद्दीन

यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, “इससे यह प्रदर्शित होता है भारत नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल कर जलवायु परिवर्तन से लड़ने को लेकर प्रतिबद्ध है।” इससे पहले अकबरूद्दीन ने ट्वीट किया था कि भारत कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने के लए यूएन मुख्यालय को सोलर प्रोजेक्ट के लिए फंड किया है।

 

भारत का लक्ष्य 2022 तक 175 गीगावाट स्वच्छ उर्जा उत्पादन करना 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस का दौरा किया था और कहा था कि भारत का लक्ष्य 2022 तक 175 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादित करना है। देश सोलर ऊर्जा पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। भारत सोलर ऊर्जा बैचरी मैन्युफैक्चरिंग का हब बन सकता है। उन्होंने कहा था, “यदि सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल खाना बनाने में होता है तो इससे 250 मिलियन (25 करोड़) बैटरी की आवश्यकता होगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक व्हिकल मार्केट को भी फायदा पहुंचेगा।”

 

सोलर पैनल के लिए 10 लाख रु का लोन मिल सकता है

भारत ने सोलर पावर को आगे बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम की शुरुआत की। छतों पर सोलर पैनर लगाने के लिए प्रायोरिटी सेक्टर लोन के तहत राष्ट्रीयकृत बैंकों से 10 लाख तक लोन उपलब्ध हो सकता है। केंद्र सरकार भी छतों पर फोटोवोल्टिक सिस्टम लगाने के लिए 30% तक का भुगतान करती है। यदि किसी एक घर में क्षमता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है तो उसे 2 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से सोलर यूनिट के ग्रिड को बेचा जा सकता है।

 

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