इंडोनेशिया / ग्रामीणों ने गंदे तालाब को अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट में बदला, रोजगार और साक्षरता बढ़ी



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  • 15 साल पहले गंदगी, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहा इंडोनेशिया का अंबेल पोंगोक गांव अब एक नामी टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना
  • गांव का हर परिवार अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट से रोजाना 2500 रुपए महीना कमा रहा है
  • गांव के तालाब का इंस्टाग्राम अकाउंट है, जिसके 40 हजार से ज्यादा फॉलोअर

Dainik Bhaskar

Sep 20, 2019, 08:26 AM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. इंडोनेशिया के एक गांव की तस्वीर स्थानीय लोगों ने मिलकर बदल दी। 15 साल पहले गंदगी, बेरोजगारी और गरीबी से जूझते अंबेल पोंगोक गांव को अब एक नामी टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर जाना जाता है। ग्रामीणों में मिलकर यहां के एक गंदे और प्रदूषित तालाब को अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट में तब्दील कर दिया है। गांव का हर परिवार अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट से रोजाना 2500 रुपए महीना कमा रहा है। इस तालाब का इंस्टाग्राम अकाउंट हैं जिस पर 40 हजार से अधिक फॉलोअर हैं। कभी गरीब गांव कहा जाने वाला अंबेल पोंगोक आज इंडोनेशिया के 10 समृद्ध गांवों की लिस्ट में शामिल है।

4 लाख वार्षिक आय वाला गांव अब 7 करोड़ कमा रहा

  1. अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट बनाने का श्रेय इंडोनेशिया के ही जुनैदी मुल्योनो को जाता है। जुनैदी ने कई साल पहले यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को अंबेल पोंगोक गांव पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा। रिपोर्ट में गांव की समस्याओं, खूबियों और इसे कैसे बेहतर बनाया जाए जैसे मुद्दे शामिल किए गए। रिपोर्ट में उन्होंने पाया कि गांव में एक तालाब है। उन्होंने तालाब को बिजनेस मॉडल में तब्दील करने की प्लानिंग की। इस मॉडल को तिरता मंदिरी नाम दिया। तालाब 20 मीटर लंबा और 50 मीटर चौड़ा है, जिसका इस्तेमाल कपड़े धोने के लिए किया जाता था। 

     

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  2. जुनैदी ने तालाब को अंडरवॉटर सेल्फी हॉट-स्पॉट में तब्दील करने की योजना बनाई और इसमें गांव वालों से निवेश करने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया इससे होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा सालों तक गांव वालों को देते रहेंगे। शुरुआत में गांव के 700 में 430 परिवारों ने निवेश किया। कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने सैलानियों की आमद के बाद निवेश करने का मन बनाया।

     

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  3. तालाब को एक खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन और हॉट-स्पॉट में तब्दील कर दिया गया। जुनैदी ने इंस्टाग्राम की मदद से इसे पॉपुलर बनाया। हर परिवार ने इसमें औसतन 25 हजार रुपए निवेश, जिन्हें अब रिटर्न के तौर पर 2500 रुपए प्रतिमाह मिल रहा है। पर्यटकों के पहुंचने से गांववालों की आमदनी बढ़ रही है। उनका जीवन बेहतर हो रहा है। बच्चों की साक्षरता दर बढ़ रही है। गांव की अर्थव्यवस्था का नक्शा की बदल गया है। लोगों को रोजगार मिल गया है। 2006 में जुनैदी इस गांव से चुनाव भी लड़ चुके हैं।

     

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  4. 2005 में गांव की वार्षिक आय 4 लाख रुपए थी, लेकिन अब सिर्फ एक तालाब की बदौलत यह आंकड़ा 7 करोड़ रुपए हो गया है। वीकेंड पर यहां हजारों टूरिस्ट आते हैं। अंडरवाटर में सेल्फी लेना उन्हें तालाब का दीवाना बना रहा है। सेल्फी को यादगार बनाने के लिए गांववालों ने तालाब में मोटरसाइकिल, बेंच और पुराने टीवी सेट को रखा है। जिसे साथ आप तस्वीरें ले सकते हैं। यहां टूरिस्ट आते हैं और तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हैं, यह इसकी लोकप्रियता में इजाफा कर रहा है।

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