अफगानिस्तान / कृत्रिम पैर लगते ही 5 साल का बच्चा अस्पताल में झूमा, ट्विटर पर 50 हजार लोगों ने देखा वीडियो

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  • अफगान सेना और तालिबान के बीच छिड़ी जंग में 8 माह के बच्चे के पैर में लगी थी गोली
  • पिछले चार सालों के दौरान डॉक्टरों ने कई बार अहमद के कृत्रिम पैर लगाया

May 08, 2019, 04:09 PM IST

काबुल. अहमद सैय्यद रहमान जब 8 माह का था जब अनजाने में एक गोली उसके पैर में लग गई और डॉक्टरों को उसका पैर काटना पड़ा। घटना के बाद अहमद को कई बार कृत्रिम पैर लगाए गए, लेकिन कभी फिटिंग ठीक नहीं बैठी, तो कभी कोई दूसरी परेशानी। हालांकि, इस बार डॉक्टरों ने जब पैर का ऑपरेशन किया तो उनकी कोशिश रंग लाई। कृत्रिम पैर लगाने के बाद डॉक्टरों ने अहमद से चलने को कहा। जब अहमद को यकीन हो गया कि पैर ठीक है तो वह खुशी से झूमने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को 3 दिन के अंदर ही 5 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।

 

 

डॉक्टर ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया
अस्पताल की एक चिकित्सक मुलकारा रहीमी ने सोमवार को अहमद का वीडियो बनाकर ट्विटर पर पोस्ट किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इसे 10 हजार से ज्यादा बार री-ट्वीट किया गया और 35 हजार से ज्यादा लाइक्स मिले हैं।

 

एक यूजर शेरोन ने लिखा, बच्चे को देखकर कितना अच्छा महसूस हो रहा है। एक अन्य यूजर जेम. आर का कहना था कि जीत की यह मुस्कान जीवन की सारी मुश्किलों पर भारी है।  


अहमद की मां ने कहा- अब बच्चा अपनी जिंदगी जी सकेगा
अहमद की मां रईसा ने कहा कि उसे बेहद खुशी है कि बेटा अपने पैरों पर चल फिर पा रहा है। उनका कहना है कि अब वह अपनी जिंदगी जी सकेगा। मां का कहना है कि तालिबान और सरकार के बीच हुई लड़ाई में अहमद और उसकी बहन को गंभीर चोटें लगी थीं। पिछले चार साल से अहमद का उपचार काबुल के रेडक्रॉस सेंटर में किया जा रहा था। 

 

हर साल बदलना होगा पैर

काबुल में स्थित रेड क्रॉस सेंटर की चिकित्सक सेमीन सरवारी का कहना है कि अहमद को हर साल नए पैर की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि साल दर साल वह लंबा होगा। दूसरे पैर की लंबाई के मुताबिक उसे कृत्रिम पैर बनाकर देना होगा। अफगानिस्तान में चल रही लड़ाई की वजह से 2018 में ही 3804 नागरिकों की जान जा चुकी है। इनमें 900 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। जबकि 7000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 

अहमद को देख दर्द से कराह रहे मरीज भी मुस्कुरा उठे

अस्पताल का वातावरण अक्सर बोझिल ही होता है, लेकिन अहमद की खुशी देखकर दर्द से कराह रहे मरीज भी मुस्कुरा उठे। अस्पताल की एक चिकित्सक मुलकारा रहीमी ने सोमवार को अहमद का वीडियो बनाकर ट्विटर पर डाल दिया।

आलम यह है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। अब तक 50 हजार लोगों ने वीडियो देखा है। इस पर 10573 री-ट्वीट आ चुके हैं और 34 हजार 742 लोगों ने इसे लाइक किया। 

अहमद का खुशी से झूमना लोगों को काफी रास आया। यही वजह रही कि लोगों ने भावुक होकर सोशल मीडिया पर बच्चे की खुशी में खुद को शामिल किया। शेरोन ने लिखा, बच्चे को देखकर कितना अच्छा महसूस हो रहा है, जबकि जेम. आर का कहना था कि जीत की यह मुस्कान जीवन की सारी मुश्किलों पर भारी है। अभी भी लोग अपने-अपने तरीके से बच्चे की खुशी पर प्रतिक्रिया जता रहे हैं। 
 

अहमद की मां रईसा ने कहा कि उसे बेहद खुशी है कि बेटा अपने पैरों पर चल फिर पा रहा है। उनका कहना है कि अब वह अपनी जिंदगी जी सकेगा। मां का कहना है कि तालिबान और सरकार के बीच हुई लड़ाई में अहमद और उसकी बहन को गंभीर चोटें लगी थीं। पिछले चार साल से अहमद का उपचार काबुल के रेडक्रॉस सेंटर में किया जा रहा था। 

काबुल में स्थित रेड क्रॉस सेंटर की चिकित्सक सेमीन सरवारी का कहना है कि अहमद को हर साल नए पैर की जरूरत पड़ेगी, क्योंकि साल दर साल वह लंबा होगा। दूसरे पैर की लंबाई के मुताबिक उसे कृत्रिम पैर बनाकर देना होगा। 
 

अफगानिस्तान में चल रही लड़ाई की वजह से केवल 2018 में ही 3804 नागरिकों की जान जा चुकी है। इसमें 9 सौ से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। जबकि 7 हजार से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 

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