अफगानिस्तान में भूकंप:अब तक 28 की मौत और 800 घर जमींदोज, रेस्क्यू टीम मलबे में जिंदा लोगों की तलाश कर रहीं

काबुल7 महीने पहले
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अफगानिस्तान के कदीस इलाके में सोमवार रात भूकंप आया था। - Dainik Bhaskar
अफगानिस्तान के कदीस इलाके में सोमवार रात भूकंप आया था।

अफगानिस्तान पश्चिमी हिस्से में सोमवार रात आए भूकंप में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी हैं। मंगलवार को यहां इंटरनेशनल रेस्क्यू टीमें भी पहुंचीं। मलबे में जिंदा लोगों की तलाश की जा रही है। यह भूकंप बदगिस राज्य में कदीस इलाके में आया था। यह बेहद दूर-दराज का और गरीब इलाका है। राज्य सरकार के प्रवक्ता बाज मोहम्मद सरवरी ने कहा- हमें मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है, क्योंकि 800 से एक हजार घर जमींदोज हुए हैं। घटना के वक्त ज्यादातर लोग घर में थे।

2 बार आया भूकंप
‘अलजजीरा’ चैनल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कदीस में सोमवार रात दो बार धरती हिली। लोग पहले झटके से संभल भी नहीं पाए थे कि अचानक दूसरा झटका आ गया। भूकंप की तीव्रता 5.3 आंकी गई है। इस इलाके में ज्यादातर मकान पत्थर और मिट्टी के बने हैं। ये ढह गए और मलबे में कई लोग दब गए। मंगलवार तक 28 शव मिल चुके थे। कदीस के इस इलाके में कोई सड़क नहीं है, इसलिए यहां तक रेस्क्यू टीम को भी हवाई रास्ते से ले जाया गया है।

तालिबान ने कहा है कि मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है।
तालिबान ने कहा है कि मलबे में कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है।

तालिबान ने क्या कहा
तालिबान प्रवक्ता इनामउल्लाह समगनी ने मंगलवार को कहा- रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घायलों के इलाज के लिए तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। तालिबान ने काबुल से एक स्पेशल टीम कदीस भेजी है। ज्यादातर लोगों की मौत घर की छत के नीचे दब जाने से हुई। आसपास के इलाकों में भी भूकंप का असर देखा गया है, लेकिन वहां से अब तक ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई। भूकंप का केंद्र तुर्कमेनिस्तान बॉर्डर के करीब था।

आर्थिक दिक्कतें ज्यादा
अफगानिस्तान के लिए इस प्राकृतिक आपदा से निपटना आसान नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि अफगानिस्तान सरकार के पास फंड्स नहीं हैं। हाल ही में यूएन ने कहा था अफगान सरकार को अपने अवाम का पेट भरने के लिए ही 5 अरब डॉलर की जरूरत है। हालिया कुछ साल में यहां सूखा भी एक समस्या रही है। हिंदू कुश इलाके में आने की वजह से अफगानिस्तान में भूकंप आते रहते हैं। मकान कच्चे हैं, इसलिए जल्द गिर जाते हैं और इसकी वजह से लोगों की मौत ज्यादा होती है।
2015 में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सरहदी इलाकों में भूकंप आया था। इसमें 280 लोग मारे गए थे। एक स्कूल में 12 छात्राओं की मौत हो गई थी।

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