फुटबॉल स्टेडियम में हजारों की भीड़ के सामने दी सजा:तालिबान ने 3 महिलाओं समेत 12 लोगों पर चोरी और एडल्टरी के आरोप में बरसाए कोड़े

काबुल4 दिन पहले
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अफगानिस्तान के फुटबॉल स्टेडियम में हजारों की भीड़ के सामने 12 लोगों को नैतिक अपराधों का आरोपी बताते हुए पीटा गया। इन 12 लोगों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं। तालिबानी अधिकारी के मुताबिक इन लोगों पर चोरी, एडल्टरी और गे सेक्स के आरोप लगे थे। इस महीने में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब तालिबान ने किसी अपराध के चलते लोगों को सार्वजनिक जगह पर सजा दी हो।

पूर्वी अफगानिस्तान के लोगार इलाके में हुई इस घटना पर तालिबान के प्रवक्ता ओमार मंसूर ने बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं को सजा के बाद छोड़ दिया गया। कुछ पुरुषों को जेल भेजा गया है। हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि कितनों को जेल हुई है। वहीं दूसरे तालिबानी ऑफिशियल ने बताया कि सभी आरोपियों को 21 से 39 कोड़े मारे गए।

कोड़े खाते लोगों को देखने के लिए स्टेडियम में जुटी हजारों लोगों की भीड़
कोड़े खाते लोगों को देखने के लिए स्टेडियम में जुटी हजारों लोगों की भीड़

पिछले हफ्ते भी 19 लोगों को मिली थी ऐसी सजा

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के तखार प्रोविंस से ऐसा ही मामला सामने आया था। इसमें 19 लोगों को सजा दी गई थी। नुरिस्तान प्रोविंस में एक महिला को म्यूजिक सुनने के आरोप में पीटा गया था। इस तरह से सार्वजनिक जगहों पर सजा देने का प्रचलन तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के आदेशों के बाद शुरू हुआ है। ये सारी सजाएं शरिया कानून के मुताबिक दी जा रही हैं।

तालिबान के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं की आजादी पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। इनमें से एक संगीत सुनने पर पाबंदी भी है।
तालिबान के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं की आजादी पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। इनमें से एक संगीत सुनने पर पाबंदी भी है।

क्या है अफगानिस्तान का शरिया कानून

तालिबान ने अफगानिस्तान को ओवरटेक करने के बाद की प्रेस कांफ्रेंस में इशारा कर दिया था कि देश के काफी सारे मसलों पर शरिया कानून लागू होगा। दरअसल शरिया इस्लाम को मानने वाले लोगों के लिए एक लीगल सिस्टम की तरह है। जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर कई तरह के बड़े मसलों पर कानून हैं। शऱिया का जिक्र इस्लाम की पवित्र किताब कुरान के साथ-साथ पैगंबर मुहम्मद के उपदेशों सुन्ना और हदीस में भी है। इन कानूनों के तहत आने वाले गुनाहों को सीधे भगवान की खिलाफत करना समझा जाता है। शरिया कानून में जिंदगी जीने का रास्ता बताया गया है।

शरिया कानून का उल्लंघन करने पर मिलती है कड़ी सजा

सभी मुसलमानों से उम्मीद की जाती है कि वो इन्हीं कानूनों के हिसाब से अपनी जिंदगी जिएंगे। एक मुसलमान के दैनिक जीवन के हर पहलू, यानी उसे कब क्या करना है और क्या नहीं करना है का रास्ता शरिया कानून है। शरिया में पारिवारिक, वित्त और व्यवसाय से जुड़े कानून शामिल हैं। शराब पीना, नशीली दवाओं का इस्तेमाल करना या तस्करी करना यहां शरिया कानून के तहत सबसे बड़े अपराधों में से एक है। जब कोई शख्स इस कानून को तोड़ता है तो उसे ईश्वर के खिलाफ किया गया अपराध माना जाता है। यही वजह है कि यहां इन अपराधों में कड़ी सजा के नियम हैं।