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झूठ बोल रहे हैं अशरफ गनी:पूर्व अफगान राष्ट्रपति के सिक्योरिटी चीफ का दावा- बैग्स में लाखों डॉलर लेकर भागे थे गनी, CCTV फुटेज मौजूद

इस्लामाबाद8 दिन पहले
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अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी काबुल से भागते वक्त अपने साथ लाखों डॉलर कैश लेकर गए थे। काबुल स्थित रूसी एम्बेसी के बाद अब गनी के पूर्व सिक्योरिटी चीफ ने भी इस आरोप की पुष्टि कर दी है। हालांकि, गनी ने पिछले महीने की शुरुआत में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वे काबुल से निकलते वक्त सिर्फ कपड़े साथ लेकर आए थे।

झूठ नहीं बोल सकते गनी
गनी के इस पूर्व सिक्योरिटी चीफ का नाम ब्रिगेडियर जनरल पीराजअता शरीफी है। 15 अगस्त को गनी के काबुल से भागते वक्त तक शरीफी उनके साथ था। बाद में जब तालिबान ने काबुल समेत पूरे मुल्क पर कब्जा कर लिया तो शरीफी भी छिप गया। अब उसने ब्रिटिश अखबार ‘द डेली मेल’ को अज्ञात स्थान से इंटरव्यू दिया है। इसमें उसने गनी पर भी कमेंट किया है। शरीफी ने कहा है कि गनी मुल्क के लोगों से झूठ नहीं बोल सकते।

लाखों नहीं, करोड़ों डॉलर ले गए गनी
शरीफी ने कहा- अशरफ गनी भागते वक्त लाखों नहीं, बल्कि शायद करोड़ों की करंसी लेकर भागे थे। शायद वे इसे डॉलर में एक्सचेंज कराना चाहते हों। उनके पास कई बड़े और भारी बैग्स थे। मेरे पास इस घटना की रिकॉर्डिंग यानी CCTV फुटेज मौजूद हैं। प्रेसिडेंशियल पैलेस के फुटेज में भी देखा जा सकता है कि कैसे एक व्यक्ति अफगान बैंक से काफी कैश लेकर आया था। इसके कुछ देर बाद ही गनी ने काबुल छोड़ दिया था। वैसे भी पैलेस में हर गुरुवार को करंसी एक्सचेंज के लिए कैश लाया जाता था।

गनी के इस पूर्व सिक्योरिटी चीफ का नाम ब्रिगेडियर जनरल पीराजअता शरीफी है। 15 अगस्त को गनी के काबुल से भागते वक्त तक शरीफी उनके साथ था।
गनी के इस पूर्व सिक्योरिटी चीफ का नाम ब्रिगेडियर जनरल पीराजअता शरीफी है। 15 अगस्त को गनी के काबुल से भागते वक्त तक शरीफी उनके साथ था।

गनी जानते थे कि क्या होगा
शरीफी ने एक सवाल के जवाब में कहा- गनी जानते थे कि आगे क्या होगा। इसलिए वो तमाम पैसा लेकर भाग गए। मेरे पास इसके सबूत मौजूद हैं और मैंने उन्हें महफूज जगह छिपाकर रखा है।

शरीफी के मुताबिक, 16 अगस्त को उसने भी एयरपोर्ट पहुंचकर मुल्क से भागने की कोशिश की थी, लेकिन वो नाकाम रहा। इसके बाद से उसके परिवार के 14 सदस्य तालिबान से भागते फिर रहे हैं। शरीफी ने कहा- गनी ने मुझसे कभी नहीं कहा कि वो देश छोड़कर जा रहे हैं। लेकिन, वो भाग गए और मैं यहां अकेला रह गया।

15 अगस्त को क्या हुआ था
शरीफी ने 15 अगस्त की घटना के बारे में तफ्सील से बताया। कहा- मैं रोज की तरह अपना काम संभालने राष्ट्रपति भवन पहुंचा। वहां राष्ट्रपति काबुल की सुरक्षा पर मीटिंग करने वाले थे। इसलिए मैं डिफेंस मिनिस्ट्री के ऑफिस पहुंचा। राष्ट्रपति जब भी वहां आते थे तो वहां मौजूद सैनिकों के हथियार वापस ले लिए जाते थे। मैंने यही किया। मैं गनी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान मेरे पास फोन आया कि राष्ट्रपति मीटिंग में आने की बजाए एयरपोर्ट चले गए हैं। रक्षा मंत्री भी भाग गए।

एक बंदूक और एक ही गोली
गनी के इस सिक्योरिटी चीफ ने आगे कहा- उस वक्त मेरे पास सिर्फ एक गन और एक ही गोली थी। मैंने तय कर लिया था कि अगर तालिबान ने मुझे पकड़ लिया तो वो मुझे वैसे भी मार डालेंगे। इससे अच्छा है कि मैं खुद को ही गोली मारकर खुदकुशी कर लूं।

तालिबान ने शरीफी की गिरफ्तारी पर इनाम का ऐलान किया है। उसके पोस्टर्स काबुल समेत कई शहरों में लगे हैं। हालांकि, अब तक तालिबान उसे गिरफ्तार नहीं कर सके हैं।