काबुल ड्रोन हमले पर पेंटागन का बयान:काबुल में अमेरिकी ड्रोन से मरने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक सहयोग देगा; US में बसने में भी मदद करेगा

वॉशिंगटन डीसी3 महीने पहले
29 अगस्त को अमेरिकी ड्रोन हमले में तबाह हुई गाड़ी। अमेरिकी अधिकारियों को इसमें विस्फोटक भरा होने की आशंका थी।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अफगानिस्तान में अमेरिकी ड्रोन से मारे गए 10 लोगों के परिवार वालों को आर्थिक मदद देने की पेशकश की है। पेंटागन ने परिवार के उन लोगों की भी मदद करने का वादा किया है, जो अमेरिका आकर बसना चाहते हैं।

29 अगस्त को जब अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से वापसी की तैयारी कर रही थी, तब अमेरिका ने काबुल में आतंकियों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन से हमला किया था। गलत जानकारी के आधार पर किए गए इस हमले में आम लोगों की लान गई थी। कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने अपनी गलती स्वीकारी थी।

अमेरिका ने ड्रोन से इस कार पर निशाना लगाया था। हमले में 7 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका ने ड्रोन से इस कार पर निशाना लगाया था। हमले में 7 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हुई थी।

रक्षा विभाग ने कहा- हमने वादा किया है
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि उसने एक वादा किया था, जिसमें मारे गए लोगों के परिवार के लोगों को सहानुभूति के तौर पर पेमेंट देने और अगर वे अमेरिका आकर बसना चाहते हैं, तो विदेश विभाग के साथ मिलकर उनके यहां आने की प्रक्रिया पूरी करवाना शामिल है।

मासूम थे हमले में मारे गए लोग
पेंटागन के प्रेस सेक्रेटरी जॉन किर्बी ने बताया कि रक्षा विभाग के उप-सचिव कोलिन काह्ल ने गुरुवार को इस बारे में न्यूट्रिशन एंड एजुकेशन इंटरनेशनल के फाउंडर और प्रेसिडेंट स्टीवन क्वोन के साथ गुरुवार को वर्चुअल मीटिंग की थी। हमले में मारा गया जेमारी अहमादी इसी संस्था में काम करता था। किर्बी ने बताया कि अहमादी और उनके साथ ब्लास्ट में मारे गए सभी लोग मासूम थे और उनका खुरासान प्रांत के इस्लामिक स्टेट (ISIS-K या ISKP) के साथ कोई संबंध नहीं था। हादसे में कुल 10 लोग मारे गए थे, जिसमें 7 बच्चे शामिल थे।

अमेरिका ने मांगी थी हमले की माफी
एक महीने पहले अमेरिका ने इस ड्रोन हमले को भयंकर गलती मानते हुए माफी मांगी थी। अमेरिका ने पहली बार यह भी कहा था कि इस हमले में 10 अफगानी नागरिकों की जान गई थी, इनमें 7 बच्चे शामिल थे। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल केनेथ मैकेंजी ने बताया था कि काबुल में ड्रोन स्ट्राइक ISIS के संदिग्ध ऑपरेशन को निशाना बनाकर की गई थी, क्योंकि अमेरिका की खुफिया एजेंसी के पास इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि ISIS काबुल एयरपोर्ट पर हमला करने की फिराक में था।

अमेरिका ने की थी गलती की भरपाई करने की बात
काबुल में ड्रोन स्ट्राइक की जांच के बाद अमेरिका ने ये बयान जारी किया था। रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अफसोस जताते हुए कहा था कि काबुल हमले में मारे गए लोगों के घरवालों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। हम माफी मांगते हैं और वादा करते हैं कि इस भयंकर भूल से सबक लेंगे। वहीं जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा है कि अमेरिकी सरकार यह आंकलन कर रही है कि मारे गए लोगों के परिवारों की भरपाई कैसे करे?

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