11 करोड़ अफगानी शरणार्थी अफगानिस्तान लौटे:यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट में हुआ खुलासा , 50 लाख नागरिक हुए देश छोड़ने को मजबूर

काबुल2 महीने पहले
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यूनाइटेड नेशंस की इंटरनेशल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने एक रिपोर्ट जारी की है । इस रिपोर्ट के मुताबिक, नागरिक दस्तावेजों के अभाव में करीब 11.46 करोड़ अफगानी शरणार्थी ईरान और पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटे हैं। इनमें ईरान से लौटने वाले शरणार्थियों की संख्या सबसे ज्यादा है।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के देश पर कब्जा करने के बाद पलायन में बहुत तेजी आई थी। हजारों अफगानी शरणार्थी तुर्की, भारत, यूरोप, इंग्लैंड, अमेरिका और कनाडा सहित बॉर्डर से लगे दूसरे देशों में पहुंचे हैं।

50 लाख लोगों ने अफगानिस्तान छोड़ा
रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबानी संघर्ष और असुरक्षा के कारण इस साल अफगानिस्तान के 50 लाख से अधिक लोगों ने देश छोड़ा है। इस साल 1 जनवरी से 21 नवंबर के बीच करीब 6.67 लाख लोगों को अपना घर छोड़ कर देश में कहीं और पनाह लेनी पड़ी है।

अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद लाखों लोगों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था ।
अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद लाखों लोगों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था ।

एक दूसरी रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि, 15 अगस्त के बाद देश की करीब 95 % आबादी गरीबी रेखा से नीचे चली गई है। गरीबी बढ़ने के साथ ही अफगानिस्तान की इकोनॉमी भी बुरी तरह से खराब हुई है। तालिबानी कब्जे के बाद यहां की इकोनॉमी में 35% की गिरावट आई है।

अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालने के लिए सिंतबर में पश्चिमी देशों ने अभियान चलाया। इसके बाद यहां से महिला नेताओं, पत्रकारों, वकीलों और जज सहित कई अफगानों को देश छोड़ने में मदद मिली।

महिलाओं को अधिकार नहीं
तालिबान ने सत्ता संभालने के बाद वादा किया था कि इस बार महिलाओं को इस्लाम की हद में रहकर तमाम अधिकार दिए जाएंगे। हालांकि, अब तक ऐसा हो नहीं रहा है। यूनिवर्सिटी और स्कूलों में महिलाओं के लिए नियम बेहद सख्त हैं। महिला जर्नलिस्ट्स को सड़क पर पीटा गया।

अफगानिस्तान में दो दशक से प्राइवेट मीडिया चैनल्स हैं। तालिबान के सत्ता में आने के बाद इन पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके बाद से कई चैनल्स तो बंद हो गए हैं। तालिबान ने 1996 से 2001 तक पहली बार अफगानिस्तान पर हुकूमत की थी। तब मीडिया न के बराबर था। फिल्मों और यहां तक कि म्यूजिक पर भी रोक लगा दी गई थी।