तालिबान ने बढ़ाई 20 गुना बाल मजदूरी:अफगानिस्तान में एक साल के भीतर 5 लाख बेरोजगार, ईरान में जाकर बच्चों को करना पड़ रहा काम

तेहरान (ईरान)8 महीने पहले
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अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार आने के बाद से पड़ोसी देश ईरान में 20 गुना बाल मजदूर बढ़ गए हैं। अफगानिस्तान में महंगाई बढ़ती जा रही है। इस वजह से बच्चों को काम करना पड़ रहा है। हालत ये है कि जब इन्हें अपने देश में काम नहीं मिल रहा है तो पड़ोसी देश ईरान में जा रहे हैं।

ईरान की एक रिसर्च के मुताबिक, तालिबान ने 15 अगस्त 2021 से सत्ता में वापसी की, तब से ईरान में अफगानी बाल मजदूरों की संख्या में 20 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसे लेकर ईरान के डिप्टी न्याय और मानवाधिकार मंत्री फतह अहमदी ने चिंता जताई है। साथ ही, तालिबान के बढ़ते खौफ और बढ़ती बाल मजदूरी का विरोध भी किया।

उन्होंने कहा कि तालिबान की वजह से कई अफगान परिवार बेघर हो गए और ईरान आ गए, यहां आने का बाद मजदूरी कर रहे हैं। मानवीय कारणों से इन लोगों को ईरान में घुसने से भी मना नहीं किया जा सका।

अफगानिस्तान में बढ़ती बाल मजदूरी पर तालिबान शासन चुप हैं।
अफगानिस्तान में बढ़ती बाल मजदूरी पर तालिबान शासन चुप हैं।

इसलिए बढ़ रही बाल मजदूरी
एक रिसर्च में सामने आया है कि ईरान में 30 लाख से ज्यादा अफगान शरणार्थी रह रहे हैं। इनमे से 70% शरणार्थियों के पास जरूरी डाक्यूमेंट्स भी मौजूद नहीं हैं। डाक्यूमेंट्स न होने के कारण भी यह लोग मजदूरी कर रहे हैं। अपने बच्चों को भी मजदूरी कराते हैं।

तालिबान शासन में 5 लाख से ज्यादा बेरोजगार
अफगानिस्तान में इंडस्ट्रीज, सरकारी और निजी कंपनियों की कमी के कारण बेरोजगारी और गरीबी बहुत बढ़ गई है। इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाईजेशन (ILO) के डेटा के मुताबिक, 2021 में तालिबान शासन लगने के बाद 5 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए। मार्च 2022 तक यह आंकड़ा 9 लाख के पार हो गया। अमेरिका की रिसर्च में सामने आया कि अफगानिस्तान में रोजगार 21% कम हुआ है।

कई इलाकों में बच्चों को स्कूल जाना छोड़ मजदूरी करनी पड़ रही हैं। देश के सबसे गरीब इलाकों में से एक बगलान में बच्चों की सड़कों पर काम करने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ईरान में उठे इस मुद्दे पर भी तालिबान ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।