महिलाओं के पहनावे पर तालिबानी पहरा:कहा- महिलाएं छोटे या तंग कपड़े भी न पहनें; यह अखुंदजादा के फरमान के खिलाफ

8 महीने पहले
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अफगानिस्तान में महिलाओं के हिजाब न पहनने पर तालिबान की धार्मिक पुलिस ने कंधार शहर में जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। इसमें हिजाब नहीं पहने वाली मुस्लिम महिलाओं की तुलना जानवरों से की गई है और उन्हें छोटे या तंग कपड़े पहनने को भी मना किया गया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि भी की।

यह पोस्टर सदाचार फैलाने और बुराई रोकने वाले मंत्रालय की ओर से कंधार में कई कैफे और दुकानों के साथ-साथ विज्ञापन होर्डिंग्स पर भी लगाए गए हैं। इन पोस्टर्स में बुर्के की तस्वीरें हैं और लिखा गया है कि जो मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं पहनती हैं, वे जानवरों की तरह दिखने की कोशिश कर रही हैं।

पोस्टर में लिखा गया है कि छोटे, तंग और पारदर्शी कपड़े पहनना भी अखुंदजादा के फरमान के खिलाफ है। मंत्रालय के प्रमुख अब्दुल रहमान तैयबी ने बताया कि उन्होंने ये पोस्टर लगाए हैं और जिन महिलाओं के चेहरे (सार्वजनिक रूप से) ढके नहीं हैं, हम उनके परिवारों को सूचित करेंगे और उनके खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे।

तालिबान 2.0 ने महिलाओं पर लगाए गए कई प्रतिबंध
अगस्त में सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान ने अफगान महिलाओं पर कठोर प्रतिबंध लगाए हैं। बीते मार्च में भी तालिबान ने आदेश जारी कर पुरुषों और महिलाओं के एक ही दिन मनोरंजन पार्क में जाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इससे पहले भी तालिबान हुकूमत ने महिलाओं पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं।

इनमें अकेले सफर करने पर रोक, लंबी दूरी के सफर के लिए पुरुष का साथ होना जरूरी, महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस देने पर पाबंदी, हिजाब पहनना अनिवार्य, दुकानों के बाहर लगे महिलाओं की तस्वीर वाले बोर्ड हटाना शामिल सहित कई प्रतिबंध शामिल हैं।

इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा लड़कियों को माध्यमिक विद्यालयों से बाहर कर दिया गया। साथ ही महिलाओं को कई सरकारी नौकरियों में लौटने से रोक दिया गया है। मई में देश के सर्वोच्च नेता और तालिबान प्रमुख हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने एक फरमान को मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया था कि महिलाओं को आम तौर पर घर पर रहना चाहिए। यदि उन्हें सार्वजनिक रूप से बाहर जाने की आवश्यकता है, तो वे अपने चेहरे सहित खुद को पूरी तरह से ढक लें।

यह तस्वीर 26 मार्च की है। इसमें तालिबान महिलाओं की शिक्षा बंद करने के फैसले से नाराज छात्राएं काबुल में शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं।
यह तस्वीर 26 मार्च की है। इसमें तालिबान महिलाओं की शिक्षा बंद करने के फैसले से नाराज छात्राएं काबुल में शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं।

रेस्तरां में साथ खाना नहीं खा पाएंगे पति-पत्नी
तालिबान ने पिछले महीने अफगानिस्तान के पश्चिमी हेरात प्रांत में एक लिंग भेद को लेकर योजना लागू की। इसके तहत पुरुषों को फैमली रेस्तरां में परिवार के सदस्यों के साथ भोजन करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा पुरुषों और महिलाओं को एक साथ पार्क में जाने की भी इजाजत नहीं है। यह नियम पति और पत्नी पर भी लागू किया गया है।