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अफगानिस्तान में तालिबान के दबदबे से बदले समीकरण:भारत के खिलाफ आतंकियों का रीडिप्लॉयमेंट हो सकता है; कश्मीर भेजे जा सकते हैं लश्कर और जैश के आतंकी

काबुल4 महीने पहले

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जारी है। इसके साथ ही तालिबान देश के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा जमा रहा है। तालिबान के बढ़ते दखल ने भारत के लिए चिंता खड़ी कर दी है। साउथ एशिया सिक्योरिटी के रीजनल एक्सपर्ट ओलिवियर गिलार्ड का कहना है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का रीडिप्लॉयमेंट हो सकता है। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैं।

गिलार्ड ने बताया कि अगस्त 2019 से कश्मीर घाटी में हिंसा में काफी कमी आई है। यहां राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए भारत सरकार लगातार कोशिशें भी कर रही हैं। आतंकियों की सक्रियता से आने वाले समय में कश्मीर में शांति और विकास के लिए भारत की कोशिशों को धक्का लगेगा।

तालिबान शांति वार्ता करने में नाकाम रहे इमरान
गिलार्ड का सुझाव है कि भारत को कश्मीरियों का भरोसा जीतने के लिए धैर्य रखना होगा। वहीं, पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ संबंधों में सतर्कता और दृढ़ता लानी होगी। इधर, अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अफगानिस्तान में शांति बहाली में अपना रोल निभाए, क्योंकि वहां गृहयुद्ध होना उसके हित में नहीं होगा। अमेरिका के मुताबिक, इमरान खान सरकार तालिबान को शांति वार्ता में गंभीरता से शामिल होने के लिए मनाने में नाकाम रही है।

अफगानिस्तान में घुसे 10 हजार पाकिस्तानी आतंकी
इधर, अफगानिस्तान की सरकार ने कहा है कि 10 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी आतंकी देश में घुसपैठ कर चुके हैं। कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि तालिबान को पाकिस्तानी संस्थाएं ट्रेनिंग दे रही हैं। राष्ट्रपति अशरफ गनी के प्रवक्ता ने मीडिया को भेजे वीडियो संदेश में बताया कि हजारों आतंकी पाकिस्तान से अफगानिस्तान में लड़ाई के लिए पहुंचे हैं।

क्या और कैसा है तालिबान?

  • 1979 से 1989 तक अफगानिस्तान पर सोवियत संघ का शासन रहा। अमेरिका, पाकिस्तान और अरब देश अफगान लड़ाकों (मुजाहिदीन) को पैसा और हथियार देते रहे।
  • जब सोवियत सेनाओं ने अफगानिस्तान छोड़ा तो मुजाहिदीन गुट एक बैनर तले आ गए। इसको नाम दिया गया तालिबान। हालांकि अब तालिबान भी कई गुटों में बंट चुका है।
  • तालिबान में 90% पश्तून कबायली लोग हैं। इनमें से ज्यादातर का ताल्लुक पाकिस्तान के मदरसों से है। पश्तो भाषा में तालिबान का अर्थ होता हैं छात्र या स्टूडेंट।
  • पश्चिमी और उत्तरी पाकिस्तान में भी काफी पश्तून हैं। अमेरिका और पश्चिमी देश इन्हें अफगान तालिबान और पाकिस्तान तालिबान के तौर पर बांटकर देखते हैं।
  • 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत रही। इस दौरान दुनिया के सिर्फ 3 देशों (सऊदी अरब, UAE और पाकिस्तान) ने इसकी सरकार को मान्यता दी थी।
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