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भास्कर इन्फोग्राफिक:एके-203 कभी जाम नहीं होती, 800 मीटर दूरी पर खड़े दुश्मन को मार गिराएगी; भारत और रूस के बीच 6 लाख एके-203 रायफल का करार

2 महीने पहले
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भारत और रूस के बीच सोमवार को एके-203 को लेकर 5,124 करोड़ का करार हो गया। इसके तहत 6,01,427 रायफल खरीदी जानी हैं। इसमें से यूपी के अमेठी में 5 लाख से ज्यादा राइफलें तैयार होंगी। रूस 10 साल तक सैन्य तकनीक में सहयोग देगा।
मौजूदा इंसास की जगह लेगी रूसी असाल्ट

इंसास vs एके 203

  • वजन

इंसास: बिना मैग्जीन के वजन 4.15 किग्रा। एके-203: 3.8 किलोग्राम है।

  • लंबाई इंसास: 960 मिलीमीटर एके-203: मात्र 705 मिलीमीटर
  • मैग्जीन इंसास: 20-30 राउंड की मैगजीन लगती है। सिंगल शॉट और तीन-राउंड का बर्स्ट फायर करती है। एके-203: 30 राउंड की बॉक्स मैगजीन लगती है। सेमी-ऑटोमैटिक या ऑटोमैटिक दोनों मोड में चलाई जा सकती है।
  • रेंज इंसास: 5.56 x 45 एमएम की बुलेट्स लगती हैं। इस रायफल की रेंज 400 मीटर है। एके-203: रेंज 800 मीटर है। यानी यह इंसास के मुकाबले दोगुनी दूरी पर खड़े दुश्मन को मार गिराएगी।

स्पीड इंसास: 1 मिनट में 650 गोलियां
एके-203 : 1 मिनट में 600 बुलेट्स लेकिन, एके-203 से निशाना ज्यादा सटीक। बुलेट्स भी कम खर्च होंगी।

एके 203, एके-47 सीरीज का एडवांस्ड वर्जन है। इसकी खासियत यह है कि ये कभी जाम नहीं होती। भीषण सर्दी, गर्मी, बारिश का भी असर नहीं।

ये होगा फायदा
वजन और लंबाई कम होने से एके 203 युद्ध के समय सैनिकों के लिए सुविधाजनक होगी। भारतीय सैनिकों को थकान कम लगेगी। लंबाई कम होने से इसकी हैंडलिंग आसान रहेगी।