इटली / कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता को बदसूरत बताते हुए 2 दोषियों को बरी किया, देशभर में फैसले का विरोध

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  • 2016 में निचली अदालत ने पेरुवियन मूल के 2 लोगों को दुष्कर्म का दोषी करार दिया था
  • अपीलीय अदालत ने फैसला पलटा, कहा- पीड़ित बदसूरत और पुरुषों जैसी, उसके साथ दुष्कर्म नहीं हो सकता
  • यह फैसला उस पैनल ने सुनाया, जिसमें सारी जज महिलाएं थीं, पैनल के खिलाफ जांच का आदेश

Mar 16, 2019, 07:48 AM IST

रोम. इटली की एक अदालत ने दुष्कर्म के दो दोषियों को बरी कर दिया। यह फैसला जिस पैनल ने सुनाया, उसमें सभी जज महिलाएं थीं। पैनल ने तर्क दिया कि पीड़ित के साथ दुष्कर्म हो ही नहीं सकता क्योंकि वह बदसूरत है और कुछ पुरुषों जैसी दिखाई देती है। फैसले के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। न्याय मंत्रालय ने फैसले की जांच के आदेश दिए हैं। 

फैसले के खिलाफ कोर्ट के बाहर हुई नारेबाजी

दुष्कर्मियों को बरी करने का फैसला इटली के हाईकोर्ट ने सुनाया। गुस्साए लोगों ने अदालत के बाहर प्रदर्शन किया और 'शर्म आनी चाहिए' के नारे लगाए। मामला 2015 का है। एनकोना इलाके की पेरुवियन मूल की महिला ने दो लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

2016 में एक निचली अदालत ने पेरुवियन मूल के 2 लोगों को दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। 2017 में मामला एक अपीलीय कोर्ट की महिला जजों की पैनल के सामने पेश हुआ। इस कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया।

महिला जजों के पैनल ने कहा कि जिन्हें दोषी ठहराया गया है, उन्हें महिला बदसूरत लगी। पीड़ित पुरुषों जैसी लगती है, लिहाजा उसके साथ दुष्कर्म नहीं हो सकता।

पीड़ित की वकील सिंजिया मोलीनारो ने कहा- लगता है कि प्रक्रिया में चूक की वजह से दोषियों को छोड़ दिया गया। हालांकि मोलीनारो ने यह भी कहा कि अपीलीय कोर्ट के फैसले को स्वीकार नहीं किया जा सकता। एक दोषी ने बयान दिया था कि महिला काफी बदसूरत थी और फोन पर मैंने उसका नाम लुटेरे के तौर पर सेव किया था।

मोलीनारो ने यह भी बताया कि पेरू से लौटने के बाद से पीड़ित की हालत ठीक नहीं है। उसके प्राइवेट पार्ट में काफी तकलीफ है और उसे टांके भी लगाए गए हैं।

उधर, न्याय मंत्रालय ने फैसले की जांच के आदेश दिए हैं। मोलीनारो के मुताबिक- जांचकर्ता कोर्ट में जाकर देखेंगे कि सुनवाई के दौरान किस बात का उल्लंघन हुआ।

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