दुनिया का सबसे पुराना बैंक बंद होने की कगार पर:बैंक पर धोखाधड़ी का आरोप; इटली के सिएना में 1472 में हुई थी स्थापना, लोग इसे अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं, इसे सरकार चलाती है

सिएनाएक वर्ष पहलेलेखक: गैया पियानगियानी/ जैक इविंग
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पिछले महीने इस बैंक की गणना यूरोप के सबसे कमजोर कर्जदाता बैंक के रूप में की गई थी। - Dainik Bhaskar
पिछले महीने इस बैंक की गणना यूरोप के सबसे कमजोर कर्जदाता बैंक के रूप में की गई थी।

दुनिया का सबसे पुराना बैंक ‘बंका मोंटे देई पासची डि सिएना' बंद होने की कगार पर है। यह बैंक इटली के सिएना शहर में है। इसकी स्थापना 1472 में की गई थी, जो पुनर्जागरण काल की अहम उपलब्धि मानी जाती है। यह ‘मोंटे देई पासची' बैंक के नाम से मशहूर रहा है। पिछले महीने इस बैंक की गणना यूरोप के सबसे कमजोर कर्जदाता बैंक के रूप में की गई थी।

यूरोपीय नियामकों ने मोंटे देई पासची बैंक की वित्तीय स्थिति की जांच की थी। इसमें पता चला था कि यह बैंक लंबे समय से वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल रहा है। इसलिए यह गंभीर मंदी के दौर से गुजर रहा है। इसकी पूंजी पूरी तरह खत्म होने की आशंका है। मोंटे देई पासची बैंक के बंद होने की आशंका से कई लोग चिंतित हैं। यह बैंक उनके सुनहरे दिनों की कई यादों से जुड़ा है। इसने सिएना में कई लोगों को रोजगार दिया है। इसने किंडरगार्टन, एंबुलेंस सेवाओं सहित कई जनसुविधाओं में अहम भूमिका निभाई है।

स्थानीय इतिहासकार मौरिजियो बियानचिनी कहते हैं- ‘मोंटे देई पासची सिएना शहर की धमनियों में बहने वाला रक्त है। यह बैंक सिएना के हर परिवार का हिस्सा है।’ वहीं अब इस बैंक को खरीदने के लिए यूनिक्रेडिट बैंक सामने आया है। उसने पिछले माह कहा था कि वह मोंटे देई पासची को खरीदने को तैयार है, बशर्ते सरकार इस बैंक के सभी डूबत कर्ज अपने पास रखे। बताया जा रहा है कि मोंटे देई पासची बैंक बिक जाने के बाद भी इसका नाम नहीं बदलेगा। इसका मुख्यालय सिएना से मिलान में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अभी मुख्यालय सिएना के एक किले जैसी इमारत में है। इटली के कोषागार के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री लोरेंजों कोडोग्नो ने कहा कि सरकारी अनुदान से बैंक को राष्ट्रीयकृत किया गया था। अब बैंक के वित्तीय संकट का जल्द समाधान खोजने का दबाव है।'

इटली सरकार ने 550 साल पुराने बैंक को बेचने की तैयारी शुरू की
मोंटे देई पासची बैंक की परेशानी 2008 में शुरू हुई। तब इसने एक प्रतिद्वंद्वी बैंक का अधिग्रहण करने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया था। मोंटे देई पासची यह अधिग्रहण कर इंटेसा सैनपाओलो और यूनिक्रेडिट के बाद इटली का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बनना चाहता था। अब इटली सरकार ने भी बैंक की स्थिति की सच्चाई स्वीकार कर ली है। सरकार ने 550 साल पुराने इस बैंक को बेचने की तैयारी कर ली है।

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