एअर इंडिया फ्लाइट्स आज अमेरिका नहीं जाएंगी:US एयरपोर्ट्स पर 5G टेक्नोलॉजी तैनात, इससे प्लेन का कम्युनिकेशन सिस्टम फेल होने का खतरा

4 महीने पहले

आज, यानी बुधवार को एअर इंडिया की उड़ानें अमेरिका नहीं जाएंगी। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि अमेरिका में 5G मोबाइल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की शुरुआत हो रही है। एअर इंडिया ने ट्वीट कर कहा है कि बुधवार को उसकी दिल्ली-न्यूयॉर्क, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, दिल्ली-शिकागो, मुंबई-न्यू जर्सी की उड़ानें संचालित नहीं होंगी। इसके अलावा एयरलाइन ने दिल्ली से वॉशिंगटन जाने वाली उड़ान को भी रीशेड्यूल करने की बात कही है।

एअर इंडिया ने उड़ानें रद्द करने का फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि 5G नेटवर्क से विमानों के कम्युनिकेशन सिस्टम को काम करने में बड़ी परेशानी हो सकती है। कई दूसरी एयरलाइंस का भी कहना है कि एयरपोर्ट के आसपास 5G टेक्नोलॉजी की वजह से खतरनाक परेशानियां हो सकती हैं। इसे देखते हुए 5G टेक्नोलॉजी को रनवे से दो मील की दूरी पर ही रखा जाए।

एयरलाइन अधिकारियों ने चिंता जाहिर की है कि 5G की वजह से प्लेन के इक्विपमेंट्स​​ में टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान बाधा आ सकती है। अधिकारियों की इस चिंता को देखते हुए मोबाइल सर्विस कंपनी एटी एंड टी (AT&T) और वैराइजोन कुछ हवाई अड्डों के पास 5G सर्विस की शुरुआत को सीमित कर देगी।

प्लेन की ऊंचाई नापने की क्षमता पर असर पड़ सकता है
कुछ एयरलाइंस के CEO ने अमेरिकन ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर कहा- एविएशन इक्विपमेंट में जरूरी अपग्रेड या बदलाव के बिना अगर 5G को अमल में लाया गया तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता है। 5G टेक्नोलॉजी की वजह से प्लेन के ऑल्टीट्यूड (ऊंचाई) को नापने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

दो बार टल चुकी है 5G की लॉन्चिंग

एयरलाइंस कंपनियों के विरोध की वजह से AT&T और वैराइजोन कंपनियां दो बार 5G की लॉन्चिंग टाल चुकी हैं।
एयरलाइंस कंपनियों के विरोध की वजह से AT&T और वैराइजोन कंपनियां दो बार 5G की लॉन्चिंग टाल चुकी हैं।

यूनाइटेड एयरलाइंस के CEO स्कॉट किर्बी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर टेलीकम्युनिकेशन कंपनियां एयरपोर्ट के पास 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं, तो उनके ऑपरेशंस पर निगेटिव असर पड़ेगा। महत्वपूर्ण हवाई अड्‌डों के करीब 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल टाला जाना चाहिए। एयरलाइंस कंपनियों की चेतावनी के चलते मोबाइल सर्विस कंपनी एटी एंड टी (AT&T) और वैराइजोन दो बार 5G की लॉन्चिंग टाल चुकी हैं।

हजारों उड़ानें ठप होने की आशंका
एविएशन रेगुलेटर FAA ने कहा कि उसने कुछ 5G वाले इलाके के भीतर ट्रॉसपॉन्डर को काम करने की छूट दी है। 5G के C-बैंड से प्रभावित होने वाले 88 एयरपोर्ट में से 48 के पास नई तकनीक को हरी झंडी दी गई है। एयरलाइंस को चिंता है कि इन एयरपोर्ट में अनसर्टिफाइड इक्विपमेंट से हजारों उड़ाने ठप हो सकती हैं। यूनाइडेट एयरलाइंस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा 5G वायरलेस के कारण सालभर में 15,000 उड़ानें और 12.5 लाख यात्री प्रभावित होंगे।

मोबाइल इंटरनेट की पांचवी, पीढ़ी यानी 5G को एयरपोर्ट्स के पास इंस्टॉल करने पर एयरलाइन कंपनियों ने चिंता जताई है।
मोबाइल इंटरनेट की पांचवी, पीढ़ी यानी 5G को एयरपोर्ट्स के पास इंस्टॉल करने पर एयरलाइन कंपनियों ने चिंता जताई है।

भारत में भी सुनाई दिए विरोध के स्वर
भारत में भी 5G टेक्नोलॉजी को लेकर विरोध के स्वर सुनाई देते रहे हैं। पिछले साल बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला ने 5G टेक्नोलॉजी लागू किए जाने से पहले इंसानों और पशु-पक्षियों पर इसके असर की जांच करने की अपील दिल्ली हाईकोर्ट से की थी। बाद में कोर्ट ने जूही चावला की याचिका को खारिज कर दिया था और उन पर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया था।