उइगर मुस्लिम विवाद / अमेरिका चीनी अफसरों को वीजा देने पर रोक लगाएगा, चीन बोला- आंतरिक मामले में दखलंदाजी न करें



अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)।
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)।अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)।

  • चीन ने कहा- उसके अधिकारियों के वीजा पर अमेरिकी प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मानकों का उल्लंघन 
  • अमेरिका का आरोप- चीन ने शिनजियांग प्रांत में 10 लाख से ज्यादा उइगर मुस्लिमों को हिरासत में रखा

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 02:39 PM IST

वॉशिंगटन. अमेरिका ने मंगलवार को चीनी अधिकारियों और कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को वीजा देने पर रोक लगाने का ऐलान किया। यह फैसला चीन में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे कथित अत्याचारों के चलते लिया गया है। वहीं, चीन ने इस पर ऐतराज जताया। उसने कहा कि शिनजिंयाग प्रांत में उइगर मुस्लिमों का जिक्र करना हमारे आतंरिक मामले में हस्तक्षेप है। वीजा पर प्रतिंबध लगाकर अमेरिका अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मानदंड का उल्लंघन कर रहा है।

 

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने 10 लाख से अधिक मुसलमानों के साथ क्रूरता और उन्हें जबरन हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। जुलाई में 20 से ज्यादा देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में चीन के खिलाफ एक संयुक्त पत्र जारी किया था। इसमें उइगर और दूसरे मुस्लिम समुदायों के प्रति चीन के बर्ताव की निंदा की गई थी।

 

प्रतिंबध के ऐलान से दोनों देशों में तनाव बढ़ा

अमेरिका में चीनी दूतावास ने मंगलवार को ट्वीट किया- ट्रम्प सरकार ने चीन के 28 संगठनों और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने के बाद हमारे अधिकारियों के वीजा पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। वहीं, अमेरिका के इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका और चीन के शीर्ष प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार से व्यापार वार्ता का अगला दौर शुरू होगा।

 

पहले भी चीनी कंपनियों पर कार्रवाई हो चुकी है
इससे पहले भी अमेरिका चीनी संस्थानों पर व्यापार प्रतिबंध लगाता रहा है। मई में ट्रंप प्रशासन ने संचार उपकरण बनाने वाली कंपनी हुआवे को सुरक्षा चिंताओं के चलते निगरानी सूची में डाला था। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के मुताबिक, निगरानी सूची में डाले गए सभी चीनी संस्थानों के खिलाफ शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकार के हनन और ताकत के दुरुपयोग की शिकायतें हैं।

 

शिनजियांग में 45 फीसदी उइगर मुस्लिम

चीन ने पूर्वी तुर्किस्तान पर 1949 में कब्जा कर लिया था। उइगर मुस्लिम तुर्किक मूल के माने जाते हैं। शिनजियांग में कुल आबादी का 45 फीसदी उइगर हैं। जबकि 40% आबादी हान चीनी हैं। चीन ने तिब्बत की तरह शिनजियांग को स्वायत्त क्षेत्र घोषित कर रखा है। हान चीनी और उइगर मुसलमान अपनी संस्कृति बचाने के लिए बड़े पैमाने पर विस्थापित होते रहे हैं।

 

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