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न्यूजीलैंड आतंकी हमला / झारखंड के युवक को भी दो गोली लगी, हमलावर 2 साल से साजिश रच रहा था, 3 महीने पहले जगह चुनी

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 05:03 AM IST


बांग्लादेश की क्रिकेट टीम जब मस्जिद जा रही थी, तब उनके सामने चार लोगों ने दम तोड़ा। बांग्लादेश की क्रिकेट टीम जब मस्जिद जा रही थी, तब उनके सामने चार लोगों ने दम तोड़ा।
तस्वीर क्राइस्टचर्च इलाके की है, जहां हमले के बाद लोग परिजनों को ढूंढ़ने निकले। तस्वीर क्राइस्टचर्च इलाके की है, जहां हमले के बाद लोग परिजनों को ढूंढ़ने निकले।
हमले में जमशेदपुर के शमीम को दो गोलियां लगी थी। उनका इलाज चल रहा है। हमले में जमशेदपुर के शमीम को दो गोलियां लगी थी। उनका इलाज चल रहा है।
attacker was plotting an attack for 2 years
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बांग्लादेश की क्रिकेट टीम जब मस्जिद जा रही थी, तब उनके सामने चार लोगों ने दम तोड़ा।बांग्लादेश की क्रिकेट टीम जब मस्जिद जा रही थी, तब उनके सामने चार लोगों ने दम तोड़ा।
तस्वीर क्राइस्टचर्च इलाके की है, जहां हमले के बाद लोग परिजनों को ढूंढ़ने निकले।तस्वीर क्राइस्टचर्च इलाके की है, जहां हमले के बाद लोग परिजनों को ढूंढ़ने निकले।
हमले में जमशेदपुर के शमीम को दो गोलियां लगी थी। उनका इलाज चल रहा है।हमले में जमशेदपुर के शमीम को दो गोलियां लगी थी। उनका इलाज चल रहा है।
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  • हमलावर ब्रेंटेन नाॅर्वे के उस आतंकी का प्रशंसक है, जिसने 77 जानें ली थीं
  • फेसबुक पर कहा था- मैं हमला करूंगा, और इसे लाइव भी दिखाऊंगा
  • हमलावर नॉर्वे के उस आतंकी का समर्थक, जिसने 2011 में 72 लोगों की जान ली थी

क्राइस्टचर्च. न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर की दो मस्जिदों में शुक्रवार को जो हमला हुआ, उसकी साजिश दो साल से रची जा रही थी। मुख्य हमलावर ब्रेंटेन टैरंट (28) ने तीन महीने पहले अल-नूर और लिनवुड मस्जिदों को हमले के लिए चुना था। पुलिस ने एक वेबसाइट पर प्रकाशित ब्रेंटेन के मैनिफेस्टो के आधार पर ये दावे किए हैं। हमले में झारखंड के शहर जमशेदपुर के टेल्को बारीनगर के मो. शमीम सिद्दीकी को दो गोली लगी थी। देर रात गोलियां निकाली गईं। उनका 15 साल का बेटा अयान भी मस्जिद पहुंचा था। लेकिन, गोलीबारी शुरू होते ही वह भागकर चला गया था।

 

ब्रेंटेन ने गुरुवार को यानी हमले के करीब 24 घंटे पहले धमकी भी दी थी। ब्रेंटेन ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा था, ‘हम आक्रमणकारियों पर हमला करेंगे। इसे फेसबुक पर लाइव दिखाएंगे।’ ब्रेंटेन ने ऐसा ही किया। उसने हमले की फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग की। पुलिस के मुताबिक ब्रेंटेन अप्रवासी विरोधी और अति दक्षिणपंथी समूहों का सदस्य है। वह नॉर्वे के आतंकी एंडर्स बहरिंग ब्रीवीक का समर्थक है। ब्रीवीक ने 2011 में नाॅर्वे में कार बम हमला कर 72 लोगों की जान ली थी।

चश्मदीद बोले- पहले लगा कि शाॅर्ट सर्किट हुआ है, उसके बाद लोग इधर-उधर भागने लगे

  1. हमले में गुजरात का छात्र बाल-बाल बचा

    तस्वीर क्राइस्ट चर्च की है। हमले में गुजरात का छात्र बाल-बाल बच गया। एक चश्मदीद ने कहा कि शुरू में हमें लगा कि शॅार्ट सर्किट हुआ है। उसके बाद सभी लोग भागने लगे। हमारे कई दोस्त मस्जिद के भीतर थे।

  2. हमलावर ट्रम्प का प्रशंसक, कहता है- ट्रम्प नई श्वेत पहचान

    ब्रेंटेन का मैनिफेस्टो 74 पेज का है। इसका नाम ‘द ग्रेट रिप्लेसमेंट’ है। इसमें लिखा है- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नई श्वेत पहचान के प्रतीक हैं। वह कोई पॉलिसी नहीं बनाएंगे, लेकिन गोरे लोगों का दबदबा दुनिया में कायम करेंगे। ब्रेंटेन ने साथ ही लिखा है, ‘आक्रमणकारियों को दिखाना है कि हमारी जमीन कभी भी प्रवासियों की नहीं होगी। दूसरे देश से आए लोग कभी हमारे लोगों की जगह नहीं ले पाएंगे।’

  3. वर्ल्ड मीडिया ने की हमले की निंदा

    डेली मेल : आतंकी हमलों से नफरत करने वाले ने भीषण कांड कर दिया

    न्यूजीलैंड की मस्जिदों में नरसंहार हुआ है। हमला उस व्यक्ति ने किया, जो कभी ऐसे नरसंहार करने वालों से घृणा करता था। वह नाजियों से प्रेरित था।

     

    द डाॅन: नमाज पढ़ रहे लोगों पर हमले से नफरत का चरम सामने आया 
    मस्जिदों में शांति से नमाज पढ़ रहे 49 लोगों को मार दिया गया। ये हमला इस्लामोफोबिया के खतरे और नस्लवाद से घृणा का बड़ा उदाहरण है। अब नहीं कहा जा सकता कि आतंकियों का धर्म होता है।

     

    वाॅशिंगटन पोस्ट: हमले के हथियार से ज्यादा घातक सोशल मीडिया है
    हमले में उपयोग किए गए हथियार से ज्यादा घातक हथियार सोशल मीडिया बन गया है। अब सोशल मीडिया रूपी हथियार को बदलने की जरूरत है।

  4. न्यूजीलैंड में 1.56 लाख भारतीय, आबादी का 4%

     

    • 68.5% यानी सबसे ज्यादा भारतीय न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहते हैं। 
    • 27% ऐसे भारतीय हैं जिनका जन्म न्यूजीलैंड में ही हुआ था। वहीं पले-बढ़े।
    • 13 % एेसे भारतीय हैं, जो करीब 20 साल से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं।
    • 16.3% भारतीय ऐसे हैं, जो रिटेल ट्रेड से जुड़े हैं, 11.7% स्वास्थ्य सेवा से जुड़े।
    • 53.6% भारतीय हिंदू हैं। सिखों की आबादी 23.5% और मुस्लिम 10.8% हैं।

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