ऑस्ट्रेलिया चुनाव:PM स्कॉट ने गंवाई गद्दी, लेबर पार्टी के एंथनी अल्बनेसी की जीत; नई सरकार में निर्दलीय भी होंगे

मेलबर्नएक महीने पहले
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ऑस्ट्रेलिया चुनाव नतीजों में प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। एंथनी अल्बनेसी लेबर पार्टी ने जोरदार जीत हासिल की है। शनिवार देर रात लेबर पार्टी को 71 जबकि लिबरल पार्टी को 52 सीटें मिलीं। 10 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की है। इससे ये साफ है कि अल्बनेसी को निर्दलीय और अन्य छोटी पार्टियों के समर्थन से सरकार का गठन करना होगा।

पिछले लगभग 10 सालों से ऑस्ट्रेलिया में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी की हार का सबसे बड़ा कारण महंगाई का मुद्दा रहा। ऑस्ट्रेलिया में महंगाई दर ने 32 साल का रिकॉर्ड स्तर पर है। महंगाई दर 5.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने 3 मई को ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। पहले यह दर महज 0.1 प्रतिशत थी। जबकि एंथनी ने लोगों को घर देने को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने 'हेल्प टू बाय' स्कीम के तहत हाउसिंग फंड का वादा किया।

अब पीएम बनने के बाद अल्बनेसी सबसे पहले मंगलवार को टोक्यो में क्वॉड देशों की बैठक में भाग लेंगे।
अब पीएम बनने के बाद अल्बनेसी सबसे पहले मंगलवार को टोक्यो में क्वॉड देशों की बैठक में भाग लेंगे।

एंथनी ने गरीबी देखी, मां करती थी लोगों के घरों में काम
एंथनी अल्बनेसी का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा। पिता बचपन में ही मां से अलग हो चुके थे। एंथनी की मां लोगों के घरों में साफ-सफाई का काम करती थीं। एक वक्त काम छूटने के बाद एंथनी की मां ने सरकारी पेंशन से गुजारा किया।

कोविड के प्रबंधन में भी स्कॉट विफल साबित हुए

  • कोविड लॉकडाउन के दौरान स्कॉट बढ़ती बेरोजगारी पर काबू नहीं कर पाए।
  • चीन नीति फेल, सोलोमन आइलैंड ने चीन के साथ समझौता कर लिया।
  • महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ भेदभाव के मुद्दे पर भी लोगों में रोष।
  • स्कॉट ने एंटी करप्शन आयोग के गठन का वादा किया, लेकिन गठन नहीं।
  • बड़ी कंपनियों पर ज्यादा टैक्स वसूली नहीं कर पाए। मिडिल क्लास में रोष।
  • क्लाइमेंट चेंज के कारण जंगलों में आग की घटनाओं पर नियंत्रण नहीं कर पाए।
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